आखिर क्या है रेयर लाफिंग डिसीज, जिससे बाहुबली की एक्ट्रेस हो रही हैं परेशान

Published : Jun 27, 2024, 01:40 PM ISTUpdated : Jun 27, 2024, 01:45 PM IST
Rare Laughing Disease

सार

Rare Laughing Disease: आपने आज तक परेशान होने, तनाव, दुख या फिर डिप्रेशन की बीमारी के बारे में जरूर सुना होगा। हंसने की बीमारी (Pseudobulbar Affect) के बारे में शायद ही सुना हो। बाहुबली की एक्ट्रेस अनुष्का शेट्टी रेयर लाफिंग डिसीज से जूझ रही हैं। 

हेल्थ डेस्क। अगर आपको 15 से 20 मिनट तक हंसना पड़ जाए तो सोचिए ये आपके लिए मजा नहीं बल्कि सजा बन जाएगा? जी हां! बाहुबली की एक्ट्रेस अनुष्का शेट्टी पिछले कुछ समय से रेयर लाफिंग डिसीज (Rare Laughing Disease) से जूझ रही है। इस रेयर बीमारी के कारण उन्हें लंबे समय तक हंसना पड़ता है जो कि वाकई बहुत ही कष्टकारी होता है। हसंने की बीमारी के कारण ऐक्ट्रेस अपने काम पर फोकस नहीं कर पा रही हैं। आईए जानते हैं आखिर क्या होती है रेयर लाफिंग डिजीज।

क्या है स्यूडो बुलबार इफेक्ट (Pseudobulbar Affect)

आंतरिक भाव या इनर फीलिंग के कारण व्यक्ति दुख या खुशी प्रकट करता है । स्यूडो बुलबार इफेक्ट की बीमारी होने पर व्यक्ति या तो अधिक रोता है या फिर ज्यादा हंसने लगता है। हंसना या फिर रोना उसकी इनर फीलिंग नहीं बल्कि बीमारी का लक्षण होता है। स्यूडो बुलबार इफेक्ट एक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है जो व्यक्ति में अनकंट्रोल्ड इमोशन शो करती है। ब्रेन इंजुरी या फिर एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरिओसिस कंडीशन के कारण ये रेयर बीमारी होने का खतरा रहता है। 

कौन हो सकता है स्यूडो बुलबार इफेक्ट से प्रभावित?

न्यूरोलॉजिकल कंडीशन वाली बीमारी स्यूडो बुलबार इफेक्ट से बच्चे से लेकर बुजुर्ग व्यक्ति तक प्रभावित हो सकता है। स्टडी में ये बात सामने आई है कि एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस से पीड़ित 50% लोगों में इस रेयर डिसीज का खतरा रहता है। वहीं दिमाग में चोट लगने पर 48% व्यक्ति स्यूडो बुलबार इफेक्ट से प्रभावित हो सकते हैं। मल्टीपल स्क्लेरोसिस होने पर भी बीमारी का खतरा अधिक बढ़ जाता है।

स्यूडो बुलबार इफेक्ट के लक्षण

रेयर बीमारी स्यूडो बुलबार इफेक्ट को समझने के पहले ये जानना भी जरूरी है कि आपका मूड कैसा है और आप कैसी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इंटरनल मूड सैड या दुखी होने पर भी आप हंस रहे हैं तो ये स्यूडो बुलबार इफेक्ट का सबसे बड़ा लक्षण है।

  • व्यक्ति का दुखी होने पर तेजी से हंसने लगना
  • खुशी के मौके पर देर तक रोना
  • लगातार 15 से 20 मिनट तक हंसी न रुकना
  • क्रोध या हताशा में भी खूब हंसी आना

 

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