
चीन में एक नया और अजीब ट्रेंड सोशल मीडिया पर छाया हुआ है और लोगों को डरा रहा है। यहां के पार्कों में युवा अपनी गर्दन के सहारे पेड़ों से लटक रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस जैसी समस्याओं से होने वाले गर्दन दर्द में आराम मिलता है। इस 'नेक-हैंगिंग एक्सरसाइज' के वीडियो वायरल हो गए हैं। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कई ऑनलाइन यूजर्स ने कहा है कि इसे देखकर ही उन्हें डर लग रहा है।
यह तरीका असल में अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली सर्वाइकल ट्रैक्शन थेरेपी की नकल है। इस ट्रेंड में, एक व्यक्ति रस्सी को अपने सिर के चारों ओर बांधकर पेड़ की डाली से लटक जाता है, और कई बार तो उसके पैर भी जमीन से ऊपर होते हैं। कुछ लोग तो पेंडुलम की तरह झूलते भी हैं। यह आइडिया कोई बिल्कुल नया नहीं है। चीन के पार्कों में सालों से बुजुर्ग लोग ऐसा करते आ रहे हैं। कई बुजुर्गों का मानना है कि इससे गर्दन दर्द में राहत मिलती है और ब्लड फ्लो बेहतर होता है।
चीन में गर्दन की समस्याएं बहुत आम हैं। 2024 की 'चाइना सर्वाइकल स्पाइन हेल्थ व्हाइट पेपर' रिपोर्ट के मुताबिक, 20 करोड़ से ज़्यादा लोग गर्दन की रीढ़ से जुड़ी बीमारियों से परेशान हैं। इनमें से 40 फीसदी से ज़्यादा मरीज़ 30 साल से कम उम्र के हैं। इसी वजह से, कई युवा अब राहत पाने के लिए आसान या घरेलू तरीके आजमा रहे हैं। सोशल मीडिया ने भी इस ट्रेंड को तेजी से फैलाने में मदद की है।
डॉक्टरों ने इस एक्सरसाइज को बिना मेडिकल निगरानी के करने के खिलाफ़ कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यह असली सर्वाइकल ट्रैक्शन थेरेपी से बिल्कुल अलग है। अस्पतालों में ट्रैक्शन को बहुत सावधानी से कंट्रोल किया जाता है। इसमें शरीर के वजन का सिर्फ 10 से 15 फीसदी ज़ोर ही लगाया जाता है। मरीज़ स्थिर रहते हैं और डॉक्टर हर मामले के हिसाब से इलाज को एडजस्ट करते हैं। इसके उलट, वायरल एक्सरसाइज में अक्सर शरीर का पूरा वजन इस्तेमाल होता है। शरीर झूल या मुड़ भी सकता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
एक सीनियर थेरेपिस्ट शेन या (Shen Ya) ने कहा कि इस तरह बिना कंट्रोल के लटकने से खून की नसें और नसें प्रभावित हो सकती हैं। हल्के मामलों में चक्कर और मतली हो सकती है। वहीं गंभीर मामलों में, रीढ़ की हड्डी में चोट या लकवा भी हो सकता है।
इस ट्रेंड से जुड़े खतरनाक मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 में इसी तरह की एक्सरसाइज करते हुए एक 57 साल के शख्स की मौत हो गई थी। ऑनलाइन रिएक्शन्स से पता चलता है कि लोगों में चिंता बढ़ रही है। एक यूज़र ने लिखा, "यह सच में डरावना है। इसे देखकर ही मेरा खून जम जाता है।" एक और यूज़र ने कहा कि थोड़े से आराम के लिए अपनी सेहत को लंबे समय के लिए दांव पर लगाना समझदारी नहीं है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह ट्रेंड दिखाता है कि कैसे खतरनाक आइडिया ऑनलाइन आसानी से फैल सकते हैं। लोग दर्द से राहत तो चाहते हैं, लेकिन अनजाने में वे खुद को और बड़े खतरे में डाल रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि गर्दन की समस्याओं का कोई भी इलाज सिर्फ मेडिकल गाइडेंस में ही किया जाना चाहिए।