
Skin Care Tips: भले ही लोग अब अपने स्किन केयर को लेकर जागरूक हो गए हैं, लेकिन इंफ्लुएंसर मार्केटिंग के दौर में वो प्रोडक्ट को लेकर कंफ्यूज भी होते हैं। कई बार हम ऐसे प्रोडक्ट लेकर घर आते हैं, जो फायदेमंद तो होते हैं, लेकिन उसे कैसे और कितना लगना चाहिए उसके बारे में पता नहीं होता है। इसी में एक नाम रेटिनॉइड्स का, जिसे स्किनकेयर का नया ‘होली ग्रेल’ माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर इंफ्लुएंसर इसके चेहरे पर और गर्दन पर छोटे-छोटे डॉट्स लगाते दिख रहे हैं। तो चलिए जानते हैं, इस प्रोडक्ट के बारे में डिटेल्स में।
एक्ने के लिए सैलिसिलिक एसिड और ग्लो के लिए विटामिन C के बीच अब रेटिनॉइड्स को स्किनकेयर को सबसे अच्छा प्रोडक्ट माना जा रहा है। एमबीबीएस, एमडी गोरेकर्स एमडी डर्मेटोलॉजी क्लीनिक के डॉ. गुरवीन वराइज इसे बारे में कई जानकारी शेयर करते हैं। रेटिनॉइड्स ऐसे कंपाउंड्स होते हैं जो विटामिन A (रेटिनॉल) से बने या उससे जुड़े होते हैं। ये कोलेजन प्रोडक्शन बढ़ाने, सेल टर्नओवर को रेगुलेट करने और स्किन की सूजन कम करने में मदद करते हैं।
रेटिनॉइड्स डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन पर भी मिलते हैं और ओवर-द-काउंटर भी उपलब्ध होते हैं। ये स्किन टोन को इवन करने, फाइन लाइन्स कम करने, सोरायसिस और एक्ने के इलाज, एक्सफोलिएशन और पिगमेंटेशन को हल्का करने में बेहद असरदार माने जाते हैं। यही नहीं, ये पोर्स को साफ करने और एजिंग के साइन्स कम करने में भी मदद करते हैं।
हाल ही में एक वीडियो में Dr. Gurveen Waraich ने रेटिनॉइड्स को स्किनकेयर रूटीन में शामिल करने के 3 गोल्डन रूल्स बताए। अगर आप चाहते हैं कि रेटिनॉइड्स सुरक्षित तरीके से काम करें और बेहतर रिजल्ट दें, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें।
डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक रेटिनॉइड्स चाहे वो रेटिनॉल, रेटिनल या ट्रेटिनॉइन हों रोज इस्तेमाल नहीं करने चाहिए। इन्हें हफ्ते में अधिकतम 3 से 4 बार ही लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि रेटिनॉइड्स एक लॉन्ग-टर्म गेम हैं। बेहतर है कि जिन दिनों आप रेटिनॉइड लगाएं, उन रातों में किसी और एक्टिव इंग्रीडिएंट को रूटीन में शामिल न करें।
रेटिनॉइड्स को आप मॉइश्चराइजर से पहले या बाद में, दोनों तरह से लगा सकते हैं। हालांकि इन तीन स्थितियों में इन्हें मॉइश्चराइजर के बाद लगाना बेहतर होता है-
डर्मेटोलॉजिस्ट का कहना है कि जब स्किन रेटिनॉइड्स की आदी हो जाए, तब धीरे-धीरे इन्हें मॉइश्चराइज़र से पहले लगाना शुरू किया जा सकता है।
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डॉक्टर साफ तौर पर कहती हैं कि रेटिनॉइड्स के मामले में Less is More। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले उन वीडियो से प्रभावित न हों, जिनमें इन्फ्लुएंसर्स चेहरे और गर्दन पर रेटिनॉइड की सैकड़ों डॉट्स लगाते नजर आते हैं। हकीकत यह है कि पूरे चेहरे के लिए मटर के दाने जितनी मात्रा ही पर्याप्त होती है, चाहे आप किसी भी तरह का रेटिनॉइड इस्तेमाल कर रहे हों।
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