
DIY SOS: कई बार हमें ऐसे हेल्थ प्रॉब्लम्स होते हैं, जो मामूली होते हैं, लेकिन घरेलू इलाज नहीं पता होने की वजह से हम डॉक्टर के पास पहुंच जाते हैं। महंगी दवाई और डॉक्टर का फीस बाद में बहुत गुस्सा दिलाता है। लेकिन हमारे घर में मौजूद कुछ साधारण चीजें जैसे चाय, शहद, ओट्स या माउथवॉश छोटी-छोटी परेशानियों का सस्ता और आसान इलाज साबित हो सकती हैं। कैलिफोर्निया के इमरजेंसी डॉक्टर डॉ. जो व्हिटिंगटन ने कुछ हेल्थ हैक्स बताए हैं, जो न सिर्फ साइंटिफिक रूप से साबित हैं, बल्कि बेहद कम खर्चीले भी हैं।
ब्लैक टी में मौजूद टैनिन्स (Tannins) प्राकृतिक कसैले तत्व होते हैं। ये पसीने की ग्रंथियों को सिकोड़ते हैं और पैरों में बनने वाली नमी को कम करते हैं। जब पसीना कम बनता है, तो बैक्टीरिया की ग्रोथ भी घटती है और बदबू खत्म हो जाती है।
एक टब में गर्म पानी में 2-3 ब्लैक टी बैग डालें और पैरों को 15-20 मिनट तक भिगोएं।
शहद में एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह गले की सूजन को शांत करता है और गले की परत पर एक कोटिंग बनाकर खांसी को रोकता है। रिसर्च में पाया गया कि शहद कुछ ओवर-द-काउंटर खांसी की दवाओं जितना असरदार है।
सोने से पहले एक चम्मच शहद लें। बच्चों को भी दिया जा सकता है, लेकिन 1 साल से छोटे बच्चे को शहद न दें।
कॉर्नस्टार्च स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बना देता है जो घर्षण और पसीने से होने वाली जलन को रोकता है। यह नमी को सोख लेता है, जिससे त्वचा सूखी और आरामदायक रहती है। 1984 की एक स्टडी में यह साबित हुआ कि कॉर्नस्टार्च त्वचा को सुरक्षित रखता है और यीस्ट की ग्रोथ को भी नहीं बढ़ाता।
साफ और सूखी त्वचा पर हल्का कॉर्नस्टार्च पाउडर छिड़कें।
डक्ट टेप मस्से को लगातार ढककर उसकी ऑक्सीजन सप्लाई रोक देता है और स्किन सेल्स को धीरे-धीरे मरने पर मजबूर करता है। इससे मस्से खुद ही गिर जाते हैं। 2002 की स्टडी के अनुसार, यह क्रायोथेरेपी से भी ज्यादा असरदार पाया गया।
मस्से पर डक्ट टेप लगाएं और 6-7 दिन तक रखें। फिर उतारकर स्किन को पानी में भिगोएं और हल्का प्यूमिक स्टोन से रगड़ें। प्रक्रिया दोहराएं।
रबिंग अल्कोहल को सूंघने से इसकी तेज गंध नाक के सेंसरी नर्व्स को उत्तेजित करती है। इससे ब्रेन का फोकस बदल जाता है और मतली की फीलिंग कम हो जाती है। कई स्टडीज़ में यह तरीका बेहद कारगर साबित हुआ है।
रुई पर थोड़ा रबिंग अल्कोहल डालें और 2-3 बार हल्के-हल्के सूंघें।
ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकान और एवेनैन्थ्रामाइड्स (Avenanthramides) त्वचा की सूजन और खुजली को शांत करते हैं। ये त्वचा की नमी बनाए रखते हैं और स्किन बैरियर को मजबूत करते हैं।
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एक कप सादा ओट्स को ग्राइंड करके पाउडर बना लें और इसे गुनगुने पानी में डालकर 15 मिनट तक स्नान करें।
ठंडे टी बैग्स आंखों पर रखने से कोल्ड थेरेपी का असर मिलता है। ठंडक से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और आंखों की सूजन व लाली कम हो जाती है। 2025 की एक स्टडी में पाया गया कि असली असर कैफीन का नहीं, बल्कि ठंडक का होता है।
ब्लैक टी बैग इस्तेमाल करने के बाद उसे फ्रिज में रखें और ठंडा होने पर 10 मिनट के लिए आंखों पर लगाएं।
एल्कोहल बेस्ड माउथवॉश में मौजूद एंटीसेप्टिक तत्व फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन को मारते हैं। यह पैरों की बदबू और फंगल ग्रोथ को रोकने में मदद करता है।
एक टब में गुनगुना पानी लें, उसमें आधा कप माउथवॉश मिलाकर पैरों को 10-15 मिनट तक भिगोएं।
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