डिलीवरी के बाद ब्रश नहीं करना, नहाना नहीं...सुनते ही भड़क गईं डॉक्टर, नई मां को समझाया सच

Published : Nov 27, 2025, 11:17 AM IST
Post Motherhood Care Tips

सार

Post Motherhood Care Tips: मां बनने के बाद घर के बुजुर्ग ब्रश करने से मना करते हैं, नहाने से मना करते हैं। उनका मानना है कि बच्चा जन्म देने के बाद महिला का शरीर और दांत दोनों कमजोर हो जाता है। तो चलिए जानते हैं, डॉक्टर का इस बारे में क्या ख्याल है। 

Motherhood Care Tips: मां बनना एक सौभाग्य की बात होती है। लेकिन यह काफी चुनौतीपूर्ण भी है। सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब घर के बड़े-बुजुर्ग अलग-अलग तरह के सलाह देते हैं। ये करो, ये मत करो..ये खाओं वो मत खाओं। ऐसे में न्यूली मदर को समझ ही नहीं आता है कि क्या सही है और क्या गलत। बच्चे को जन्म देने के बाद नई मां को ब्रश करने से मना किया जाता है, ये बोलकर कि दांत कच्चे हैं..टूट जाएंगे। 10 दिन तक नहाने से मना किया जाता है, शरीर कमजोर है।

गायनोलॉजिस्ट डॉ. शेफाली दाधी तुनगरिया के सामने जब नई मां को ब्रश करने और नहाने से मना किया गया, तो वह भड़क गईं। उन्होंने कहा कि मां बनने के बाद हाइजीन बनाए रखना बेहद जरूरी है। न तो दांत कमजोर होते हैं और न ही शरीर। मां बनने के बाद जो भी हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, उनका असर सिर्फ यूट्रस पर पड़ता है। आइए जानते हैं कि डॉ. शेफाली दाधी ने इस बारे में क्या सलाह दी।

  • नई मां को रोजाना ब्रश करना चाहिए और हर दिन स्नान भी करना जरूरी है। ठंड के मौसम में गुनगुने पानी से नहाना बेहतर होता है। बहुत ज्यादा ठंड हो तो एक दिन का गैप लिया जा सकता है।
  • नहाते समय शरीर की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। खासकर वजाइना एरिया की, वरना रैशेज या फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
  • डिलिवरी के लगभग 8 दिन बाद जब टांके खुल जाएं, तो रोज कम से कम एक बार उस जगह को साबुन से साफ करें और बीटाडिन लगाएं।

 

 

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सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवाल?

डिलीवरी के बाद हार्मोलन बदलाव क्या मसल्स और हड्डियों को कमजोर करते हैं?

डिलीवरी के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव सीधे तौर पर मसल्स और हड्डियों को कमजोर नहीं करते, बल्कि इनका असर मुख्य रूप से यूट्रस यानी गर्भाशय पर पड़ता है। मसल्स ढीले लगना या शरीर में कमजोरी महसूस होना ज्यादातर थकान, नींद की कमी और पोषण की कमी के कारण होता है। हड्डियों में दर्द भी हार्मोन के कारण नहीं, बल्कि कैल्शियम की कमी या स्तनपान के दौरान शरीर से अधिक कैल्शियम उपयोग होने की वजह से महसूस हो सकता है। सही डाइट, पर्याप्त आराम और हल्की एक्सरसाइज से यह कमजोरी कुछ ही समय में ठीक हो जाती है।

Postpartum Recovery में कितना समय लगता है?

पोस्टपार्टम रिकवरी में आमतौर पर 6 से 8 सप्ताह लगते हैं, लेकिन हर महिला का शरीर अलग होता है, इसलिए यह अवधि व्यक्ति-विशेष पर निर्भर करती है। नॉर्मल डिलीवरी में ज्यादातर महिलाएं कुछ हफ्तों में बेहतर महसूस करने लगती हैं, जबकि सी-सेक्शन में रिकवरी थोड़ा अधिक समय ले सकती है क्योंकि इसमें सर्जरी शामिल होती है। हार्मोनल बदलाव, नींद की कमी, स्तनपान, शरीर की पोषण स्थिति और मानसिक स्वास्थ्य ये सभी रिकवरी की स्पीड को प्रभावित करते हैं।

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