How to stop asthma wheezing without inhaler: अगर अस्थमा के लक्षण बार-बार बढ़ रहे हैं, सांस बहुत फूल रही है या सीने में जकड़न है, तो इनहेलर या डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज न करें। बस सही आदतें, सही देखभाल और ट्रिगर से बचाव जरूरी है।
बिना इनहेलर के अस्थमा से राहत कैसे पाएं? काम आएंगी 6 टिप्स
अस्थमा (Asthma) एक ऐसी सांस से जुड़ी समस्या है, जिसमें थोड़ी-सी लापरवाही भी तकलीफ बढ़ा सकती है। धूल, धुआं, मौसम बदलना, स्ट्रेस या एलर्जी ये सभी अस्थमा ट्रिगर कर सकते हैं। ज्यादातर मरीज इनहेलर पर निर्भर रहते हैं, लेकिन कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि लाइफस्टाइल और नेचुरल केयर से अस्थमा के लक्षणों में कैसे राहत पाई जा सकती है। यह साफ समझना जरूरी है कि इन टिप्स का मकसद इनहेलर को रिप्लेस करना नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में अस्थमा को बेहतर तरीके से कंट्रोल करना है।
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फेफड़ों की सुरक्षा नाक की केयर
ज़्यादातर लोग सीधे फेफड़ों पर फोकस करते हैं, जबकि अस्थमा में नाक सबसे पहली लाइन ऑफ डिफेंस होती है। रोज सुबह गुनगुने नमक-पानी से नाक साफ करें। नाक से सांस लेने की आदत डालें इससे एलर्जी पार्टिकल्स फेफड़ों तक कम पहुंचते हैं।
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रात को सोने से पहले डिनर गैप रखें
लेट नाइट डिनर या भारी खाना एसिड रिफ्लक्स बढ़ाता है, जो रात में अस्थमा ट्रिगर कर सकता है। डिनर और सोने के बीच 2–2.5 घंटे का गैप बहुत तला-भुना और डेयरी रात में न लें।
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एसी या कूलर की हवा सीधे न लें
सीधी ठंडी हवा सांस की नलियों को सिकोड़ देती है। हवा को छत या दीवार की तरफ डायरेक्ट करें। सोते समय एसी टेम्परेचर बहुत कम न रखें।
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गरम पानी की भाप नहीं माइल्ड स्टीम लें
बहुत ज्यादा गर्म भाप कई बार उल्टा असर करती है। हल्की, गुनगुनी स्टीम और 3–4 मिनट से ज्यादा भाप ना लें। इसे रोज नहीं बल्कि जरूरत के अनुसार लें।
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सूखी झाड़ू से सफाई ना करें
सूखी झाड़ू या ड्राई डस्टिंग से धूल हवा में उड़ती है, जो अस्थमा के लिए सबसे खतरनाक है। गीले कपड़े से पोंछा माइक्रोफाइबर कपड़ा इस्तेमाल करें। यह छोटा बदलाव बहुत बड़ा असर दिखाता है।
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ब्रीदिंग एक्सरसाइज खाली पेट नहीं करें
यह बहुत लोग मिस करते हैं। सुबह उठते ही नहीं, प्राणायाम खाने के कम से कम 2 घंटे बाद करें। पहले शरीर को नॉर्मल होने दें। इससे चक्कर और सांस की तकलीफ नहीं बढ़ती।