
हेल्थ डेस्क. मानसून (monsoon) के मौसम में लोगों को सबसे ज्यादा खतरा डेंगू और मलेरिया (dengue and malaria) से होती है। दोनों ही बीमारी को मच्छर मानव शरीर के अंदर पहुंचाती है। इसलिए लोग इसे एक ही बीमारी समझने की भूल कर बैठते हैं। लेकिन दोनों अलग-अलग प्रकार के रोग हैं और इसके लक्षण भी बिल्कुल अलग होते हैं। यहां तक कि इलाज भी अलग ही तरह से किया जाता है। तो आइए जानते हैं मलेरिया और डेंगू की बीमारी के बीच अंतर।
कारक एजेंट (Causative Agents)
डेंगू (dengue)- डेंगू बुखार डेंगू वायरस के कारण होता है। जो संक्रमित एडीजी मच्छरों के काटने से इंसान में फैलता है।
मलेरिया (malaria)- मलेरिया प्लाज्मोडियम पैरासाइट के कारण होता है। खासकर प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम, प्लास्मोडियम विवैक्स, प्लास्मोडियम मलेरिया या प्लास्मोडियम ओवले है। ये परजीवी (parasites) संक्रमित मादा एनोफिलिस मच्छरों के काटने से फैलते हैं।
भौगोलिक वितरण(Geographic Distribution)
डेंगू- डेंगू दुनिया भर के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय ( tropical and subtropical regions) में होता है। खासकर छोटे और बड़े शहर में।
मलेरिया- मलेरिया दुनिया के कई हिस्सों में पाया जाता है, खासकर अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में। मलेरिया ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा होता है।
लक्षण (Symptoms)
डेंगू के लक्षण- तेज बुखार, तेज सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, दाने निकल आना, आंखों के पीछे दर्द, हल्का ब्लीडिंग (नाक, मसूड़ों से) शामिल है। कुछ मामलों में डेंगू गंभीर रूप से डेवलप हो सकता है। जिसे डेंगू रक्तस्रावी बुखार (डीएचएफ) या डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) कहा जाता है, जो जीवन के लिए खतरा हो सकता है।
मलेरिया के लक्षण-ठंड लगते हुए बुखार का आना, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों में दर्द, मतली और उल्टी शामिल है। गंभीर मामलों में मलेरिया एनीमिया, पीलिया, अंग विफलता का कारण बन सकता है। सही समय पर इलाज नहीं होने से यह घातक रूप ले सकता है।
ट्रीटमेंट (Treatment)
डेंगू का ट्रीटमेंट- डेंगू बुखार के लिए कोई खास एंटीवायरल ट्रीटमेंट नहीं है। बुखार और दर्द की दवा दी जाती है। डिहाइड्रेशन रोकने के लिए तरह पदार्थ दिया जाता है। आराम करने की सलाह इसमें शामिल है। डेंगू के गंभीर मामलों में अस्पताल में मरीज को भर्ती करना पड़ता है।
मलेरिया का ट्रीटमेंट -मलेरिया का ट्रीटमेंट करने के लिए दवा है। जिसे मरीज को दिया जाता है। इसके अलावा आराम करने की सलाह दी जाती है। (Note:चैटजीपीटी से ली गई जानकारी के आधार पर इस लेख को तैयार किया गया है।)
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