
हेल्थ डेस्क: कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। अगर समय रहते कैंसर के लक्षण डायग्नोज हो जाते हैं तो बीमारी का इलाज संभव होता है। वहीं कैंसर जब लास्ट स्टेज में पहुंच जाता है तो शरीर के विभिन्न ऑर्गन कैंसर की चपेट में आ जाते हैं। कुछ कैंसर ऐसे होते हैं जिनके बारे में तुरंत जानकारी मिल जाती है वहीं कुछ कैंसर साइलेंट होते हैं। साइलेंट कैंसर का ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि ये शरीर में धीमे-धीमे फैलते हैं और बीमारी का पता भी नहीं चलता है। नेशनल कैंसर अवेयरनेस वीक (National Cancer Awareness Day 2024) में जानते हैं साइलेंट कैंसर के बारे में।
जब ओवरी की सेल्स में तेजी से वृद्धि होने लगती है तो ओवेरियन कैंसर का जन्म होता है। फीमेल रीप्रोडक्टिव ग्लैंड्स एग प्रोड्यूज करने का काम करती हैं। गायनोलॉजिकल कैंसर में गर्भायशय का कैंसर को कॉमन कैंसर माना गया है। एग सेल्स में कैंसर के साथ ही एपिथेलियल कैंसर बहुत आम है। ओवेरियन कैंसर को साइलेंट कैंसर भी माना जाता है। अधिकतर महिलाओं को गर्भायशय के कैंसर के बारे में जानकारी ही नहीं मिल पाती है। कुछ लक्षण जैसे कि पेल्विक पेन, बार-बार पेशाब, खाने में समस्या, वजाइना में समस्या आदि लक्षण महिलाएं आम मानती हैं। इस कारण से कैंसर बढ़ता जाता है और आखिरी में कैंसर डायग्नोज किया जाता है।
जब पैंक्रियाज या फिर अग्नाशय की कोशिकाएं अनियमित वृद्धि करने लगती हैं तो पैंक्रिएटिक कैंसर का जन्म होता है। शुरुआत में पैंक्रिएटिक कैंसर का पता लगा पाना मुश्किल होता है क्योंकि इस कैंसर में लक्षण नहीं दिखते हैं। धीरे-धीरे कैंसर शरीर के अन्य ऑर्गन तक भी पहुंच जाता है। एक्जोक्राइन कैंसर कॉमन है जो एडवांस स्टेज में पता चलता है। वहीं न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर कम ही डायग्नोज किए जाते हैं। पैंक्रिएटिक कैंसर को रेयर कैंसर भी कहा जाता है।
जब ब्रेस्ट की कोशिकाएं अनियमित गति से बढ़ती हैं तो ट्यूमर का रूप लेती हैं। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर को सेकेंड मोस्ट कॉमन कैंसर माना जाता है। फैमिली हिस्ट्री, जीन म्यूटेशन, कुछ मेडिकेशन, देरी से मीनोपॉज के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों में स्तन में गांठ का बनना, निप्पल से डिस्चार्ज आना, स्तनों में सूजन आदि दिखता है। वहीं कई बार महिलाओं को कोई भी लक्षण नहीं नजर आते हैं। कैंसर सेल्स बढ़ती हैं और महिला को तीसरी स्टेज में कैंसर के बारे में जानकारी मिलती है। ब्रेस्ट कैंसर भी भयानक साइलेंट कैंसर है।
थायराइड की बीमारी से ज्यादातर महिलाएं ग्रसित रहती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि थायराइड ग्लैड में भी कैंसर की संभावना रहती है। हालांकि थायराइड कैंसर को रेयर कैंसर माना जाता है। गले में बटरफ्लाई शेप की ऑर्गन को थायराइड ग्रंथि कहा जाता है। इससे थारराइड हॉर्मोन सिकरीट होता है। जब ग्लैंड की कोशिकाएं ओवरग्रोथ करती हैं तो कैंसर का रूप ले लेती हैं। व्यक्ति को थायराइड कैंसर होने पर खास लक्षण नहीं दिखते हैं जिसके कारण इसे साइलेंट कैंसर के नाम से भी जाना जाता है।
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