
हेल्थ डेस्क: केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस(Nipah virus) से दो लोगों की मौत हो गई है, साथ ही राज्य में एक 9 साल के लड़के सहित 2 और मरीज मिले हैं। इन्हीं आंकड़ों के साथ लोगों में इस वायरस को लेकर डर बैठना शुरू हो गया है। निपाह वायरस संक्रमण मूल रूप से एक जूनोटिक बीमारी है और यह जानवरों से मनुष्यों में फैल सकता है। इसके अलावा यह दूषित भोजन या संपर्क के माध्यम से भी फैल सकता है।केरल स्वास्थ्य विभाग ने निपाह वायरस संक्रमण को लेकर राज्य में अलर्ट जारी किया है। तेजी से फैल रहे इस वायरस के हम आपको बता रहे हैं सबसे बड़े लक्षण।
Nipah virus Symptoms: निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं?
What is Nipah virus: निपाह वायरस क्या है?
निपाह वायरस एक ज़ूनोटिक वायरस है, जिसका अर्थ है कि यह जानवरों और लोगों के बीच फैल सकता है। यह चमगादड़ जनित वायरस है। यह सूअरों में भी बीमारी का कारण बनता है। NiV एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) से जुड़ा है जो हल्की से गंभीर बीमारी और यहां तक कि मृत्यु का कारण बन सकता है। यह पहली बार 1999 में मलेशिया और सिंगापुर में सूअरों और लोगों में बीमारी फैलने के बाद खोजा गया था, जिसके परिणामस्वरूप 300 मामले और 100 मौतें हुईं।
How Nipah Virus Spread: निपाह वायरस कैसे फैलता है?
संक्रमित फल चमगादड़ लोगों या जानवरों, जैसे सूअरों में बीमारी फैला सकते हैं। जो लोग किसी संक्रमित जानवर या उसके शरीर के तरल पदार्थ (जैसे लार या मूत्र) के निकट संपर्क में आते हैं वे संक्रमित हो सकते हैं। एक जानवर से मनुष्य तक इस प्रारंभिक प्रसार को स्पिलओवर इवेंट कहा जाता है।
निपाह वायरस को कैसे रोका जा सकता है?
जिन क्षेत्रों में वायरस मौजूद है, वहां बीमार सूअरों और चमगादड़ों के संपर्क में आने से बचकर इसे रोका जा सकता है। इसके अलावा इन बातों का रखें खास ध्यान-
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