सिर्फ एक रसीद मांगने पर बच गए 43000 रु., बिल में उस सर्जरी का भी चार्ज जुड़ा था जो हुई ही नहीं!

Published : Mar 19, 2026, 10:40 AM IST
सिर्फ एक रसीद मांगने पर बच गए 43000 रु., बिल में उस सर्जरी का भी चार्ज जुड़ा था जो हुई ही नहीं!

सार

एक मरीज़ ने आइटमवाइज़ बिल मांगकर अस्पताल के बिल में ₹44,000 बचाए। बिल में एक ऐसी सर्जरी का चार्ज शामिल था जो कभी हुई ही नहीं। यह घटना मेडिकल बिलों की सावधानीपूर्वक जांच के महत्व को उजागर करती है।

एक मरीज़ ने मेडिकल ऑपरेशन के बाद सिर्फ बिल की पूरी डिटेल मांगकर अपने करीब 44,000 रुपये बचा लिए। जब उसने बिल को ध्यान से देखा तो पता चला कि उससे एक ऐसी सर्जरी के पैसे भी वसूले जा रहे थे, जो कभी हुई ही नहीं थी। वह तो बिल चुकाने के लिए पेमेंट प्लान बनाने वाला था, लेकिन एक सहकर्मी की सलाह ने उसे बड़ी चपत लगने से बचा लिया।

मरीज के कुछ सवालों में बच गए उसके हजारों रुपए…

मरीज़ ने सोशल मीडिया पर अपनी यह कहानी शेयर की है। उसने बताया कि कैसे उसका शुरुआती बिल करीब 1 लाख रुपये ($1,100) का था, लेकिन जब उसने बिल में जोड़ी गईं गलत चीजों पर सवाल उठाया, तो बिल घटकर 57,000 रुपये ($618) रह गया।

सोशल मीडिया पर यूज़र ने लिखा: “जनवरी में एक रीजनल अस्पताल में मेरा एक छोटा सा प्रोसीजर हुआ था। इंश्योरेंस के बाद भी मुझे करीब 1 लाख रुपये ($1,100) का बिल मिला। मैं तो बस पेमेंट प्लान बनाकर इसे चुकाने की सोच रहा था, लेकिन ऑफिस में किसी ने मुझे सलाह दी कि हमेशा पहले आइटमवाइज़ बिल (यानी हर चीज़ का अलग-अलग हिसाब) मांगना चाहिए। मैंने भी वही किया।”

जब अस्पताल ने 6 पन्नों का बिल भेजा, तो मरीज़ ने उसे ध्यान से पढ़ा। उसे पता चला कि बिल में एनेस्थीसिया कंसल्टेशन (Anesthesia Consultation) के 31,430 रुपये जोड़े गए थे, जो उसे कभी दी ही नहीं गई थी। इसके अलावा, एक सप्लाई किट का चार्ज भी दो बार लगाया गया था।

यूज़र ने आगे बताया, “मैंने बिलिंग डिपार्टमेंट में फोन किया। मुझे लगा था कि बहुत बहस करनी पड़ेगी, लेकिन वहां बात कर रही महिला काफी शांत थी। उन्होंने कहा कि वह इसे रिव्यू के लिए भेज देंगी। करीब 2 हफ्तों के बाद, उन्होंने दोनों गलत चार्ज हटा दिए। मेरा बिल $1,100 से घटकर $618 रह गया।”

पैसे बचने के बाद मरीज़ ने पूरा बिल एक साथ चुका दिया। लेकिन उन्होंने दूसरों को सलाह दी कि हमेशा आइटमवाइज़ बिल मांगना चाहिए, वरना ऐसी गलती किसी की नज़र में नहीं आती।

वायरल पोस्ट देखें…

 

 

इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रिया

जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, सोशल मीडिया यूज़र्स ने बताया कि सरकारी निगरानी की कमी के कारण अस्पताल अक्सर ज़्यादा पैसे वसूलने के लिए ऐसे तरीके अपनाते हैं। एक यूज़र ने कहा, "आप हमेशा आइटमवाइज़ बिल मांगकर देखें, बिल 20% तक कम हो जाता है।" वहीं एक अन्य ने लिखा: "अगर गलती हमेशा उनके फायदे में हो, तो यह गलती नहीं है। यह जानबूझकर किया जाता है।"

एक तीसरे यूज़र ने कहा, "सबसे परेशान करने वाली बात यह है कि इंश्योरेंस कंपनियों को भी कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने उन्हें बताने के लिए संपर्क किया, तो उन्होंने कहा, 'जो भी हो। हम तो पेमेंट कर चुके हैं।' मतलब, आप मुझसे कवरेज को लेकर लड़ेंगे, लेकिन अस्पताल से धोखाधड़ी पर सवाल नहीं उठाएंगे?"

एक और ने कहा, “हैरानी की बात है कि 'गलतियां' हमेशा बिल बढ़ाती हैं, कभी कम नहीं करतीं।” एक व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा किया, “मैंने एक बार ऐसा किया था और अपने बिल से करीब $400 कम करवा लिए थे। यह अजीब है कि कैसे बिल में कुछ भी जुड़ जाता है।” कुल मिलाकर, इस पोस्ट और कमेंट्स से सबसे बड़ी सीख यही मिलती है कि बिल को चेक करने में कुछ मिनट लगाने से आप बड़ी बचत कर सकते हैं।

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