
रात में बार-बार पेशाब (nocturia) आना सिर्फ झिझक-भरी समस्या नहीं यह शरीर का संकेत हो सकता है कि कहीं कुछ गड़बड़ चल रहा है। अगर आप बीच-बीच में उठकर बाथरूम जाते हैं और सोने का पूरा आराम नहीं मिलता, तो इससे दिन भर थकान, ध्यान की कमी और मूड-चेंज हो सकते हैं। यहां आसान भाषा में हम आपको इसके पीछे के कुछ सबसे जरूर कारण बता रहे हैं कि कब डॉक्टर दिखाना जरूरी है, कौन-से टेस्ट होंगे और क्या कम करके आप आराम पा सकते हैं।
मूत्र मार्ग का इन्फेक्शन (UTI): यूरीन में जलन, बार-बार जाना और कभी-कभी बुखार के साथ पेशाब रात में भी बढ़ सकती है। खासकर महिलाओं में यह बहुत सामान्य है।
डायबिटीज (Sugar problem): अगर ब्लड शुगर ज्यादा है तो किडनी एक्स्ट्रा शुगर को बाहर निकालने के लिए पानी के साथ यूरिन बनाती है नतीजा बार-बार पेशाब आती है और प्यास लगती है।
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ओवेरएक्टिव ब्लैडर / ब्लैडर-इरिटेबिलिटी: ब्लैडर की मांसपेशियां अनियंत्रित रूप से सिकुड़ती हैं। छोटी-छोटे समय पर मूत्राशय भरने का सिग्नल भेजती हैं दिन और रात दोनों में बार-बार वॉशरूम जाना पड़ता है।
प्रोस्टेट की समस्या: पुरुषों में बुढ़ापे में प्रोस्टेट बड़ा होने से मूत्र का रास्ता दबता है। इसकी वजह से रात में प्यास के लिए उठना आम है।
दिल या किडनी का रोग: हार्ट-फेल्योर या किडनी-सम्बन्धी बीमारियों में शरीर दिन में जमा तरल को रात में किडनी निकालती है इसलिए nocturia बढ़ सकता है। साथ ही ब्लैडर स्टोन, थायरॉयड विकार, न्यूरोलॉजिकल कारण कभी-कभी ब्लैडर में पथरी, हाइपरथायरॉयडिज्म या नर्व डैमेज भी वजह बनते हैं।
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