Cancer Prevention Tests For Women: महिलाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ब्रेस्ट कैंसर के लिए मैमोग्राम, सर्वाइकल कैंसर के लिए पैप टेस्ट और लिवर कैंसर की जांच जैसे टेस्ट अर्ली डिटेक्शन में मदद करते हैं। जानें महिलाओं के लिए कैंसर टेस्ट।

भारत में हर साल कैंसर के मामले लाखों की संख्या में बढ़ रहे हैं। कैंसर पुरुषों के साथ ही महिलाओं को भी अपना शिकार बना रहा है।एक स्टडी में ये बात सामने आ चुकी है कि हर साल स्तन कैंसर की जांच यानी कि मैमोग्राम कराने से डेथ केस में 65% की कमी आई है। ठीक इसी प्रकार से महिलाएं अगर विभिन्न प्रकार के कैंसर की जांच कराती हैं, तो कैंसर अर्ली डायग्नोज हो जाएगा और डेथ केस को रोकने में मदद मिलेगी। जानिए महिलाओं को कैंसर के लिए कौन से टेस्ट कराने चाहिए। 

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ब्रेस्ट कैंसर जांच के लिए मैमोग्राम

महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए 40 साल के बाद हर साल मैमोग्राम करवा सकती हैं। इस जांच में ब्रेस्ट का एक्सरे किया जाता है ताकि असमान्ताओं की जांच की जा सके। आपको से इस बारे में अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

सर्वाइकल कैंसर के लिए टेस्ट

महिलाओं को सर्विक्स में एब्नार्मल सेल्स ग्रोथ के कारण कैंसर की समस्या हो जाती है। इससे बचने के लिए पैप टेस्ट (Pap test) किया जाता है। वहीं महिलाओं को एचपीवी टेस्ट कराने की सलाह भी दी जाती है ताकि ह्यूमन पेपिलोमावायरस का पता लगाया जा सके। इस टेस्ट को 21 से 65 वर्ष की आयु में हर 5 वर्ष के अंदर कराने की सलाह दी जाती है।

लंग कैंसर के लिए सीटी स्कैन

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में लंग कैंसर कम पाया जाता है। लेकिन स्मोकिंग करने वाली 55 से 80 साल की महिलाओं को लो डोज सीटी स्कैन जरूर कराना चाहिए। इस टेस्ट के दौरान चेस्ट का एक्सरे किया जाता है।

विजुअल स्किन एक्जामिनेशन टेस्ट

अगर स्किन में कोई तिल या मसा है तो वो स्किन कैंसर से भी जुड़ा हो सकता है। आपको हर साल डॉक्टर को स्किन चेकअप जरूर कराना चाहिए।

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लिवर कैंसर की कराएं जांच

लिवर कैंसर से बचने के लिए हेपेटाइटिस बी वैक्सीन (Hepatitis B vaccine) दी जाती है। वहीं लिवर कैंसर की जांच के लिए एक बार हेपेटाइटिस सी टेस्ट कराना चाहिए।

एब्डॉमिनल अल्ट्रासाउंड

पेट के अंदर एब्नॉर्मल एक्टिविटी को देखने के लिए महिलाओं को हर साल एब्डॉमिनल अल्ट्रासाउंड भी कराना चाहिए। आप डॉक्टर से जानकारी प्राप्त करें कि आपको 1 साल में कितने टेस्ट कराने चाहिए। 

ट्यूमर मार्कर टेस्ट 

सीए-125 (अंडाशय के कैंसर के लिए) या सीईए (कोलोरेक्टल कैंसर के लिए) जैसे ब्लड टेस्ट इस्तेमाल कुछ कैंसर का पता लगाने के लिए किया जा सकता है। 

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