
आमतौर पर माना जाता है कि कॉफी पीने से दिल की धड़कन तेज हो जाती है। जिन लोगों को एट्रियल फिब्रिलेशन यानी कि दिल की धड़कन तेज होने की समस्या रहती है, उन्हें कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए। जबकि हाल ही में हुए एक रिसर्च में अलग ही परिणाम सामने आए। एक परीक्षण से पता चला की सामान्य प्रकार कि हृदय अतालता को कॉफी ट्रिगर करती है। रिसर्च में यह बात सामने आई की एट्रियल फिब्रिलेशन से पीड़ित वयस्क, जो रोजाना कॉफी पीते थे, उन्हें कॉफी ना पीने वालों की तुलना में एट्रियल फिब्रिलेशन की पुनरावृत्ति का जोखिम बहुत कम था। निष्कर्ष में यह बात सामने आयी कि रोजाना थोड़ी मात्रा में कॉफी का सेवन हृदय अतालता से बचाने का काम करता है।
एट्रियल फिब्रिलेशन (AFib) से पीड़ित 200 वयस्कों को स्टडी के दौरान शामिल किया है। उन लोगों को करीब 6 माह तक कॉफी से परहेज करने को कहा गया। जब स्टडी की गई तो समाने आया कि कॉफी का सेवन न करने वालों की अपेक्षा कॉफी पीने वाले लोगों में दिल की धड़कन सामान्य रूप से काम कर रही है।
वहीं इस बारे में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैन फ्रांसिस्को में हार्ट स्पेशलिस्ट और चिकित्सा के प्रोफेसर तथा शोध के वरिष्ठ लेखक ग्रेगरी मार्कस ने कहा कि इस बारे में परस्पर विरोधी विचार हैं कि क्या कॉफी एट्रियल फिब्रिलेशन को प्रभावित करती है।
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स्टडी में शामिल किए गए लोगों की औसत आयु 69 थी। स्टडी में ज्यादातर पुरुष प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। कार्डियोवर्जन थेरेपी के बाद आधे मरीजों को कॉफी पीने की सलाह दी गई वहीं आधे मरीजों को कॉफी से दूर रहने को कहा गया। स्टडी के अंत में 47% कॉफी पीने वालों में AFib का एक प्रकरण देखा गया, जबकि कॉफी न पीने वालों में यह संख्या 64% थी। यह नियमित रूप से कॉफी पीने वाले व्यक्तियों में AFib के दोबारा होने के जोखिम को 40% कम दिखाता है।
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