
हेल्थ डेस्क। ब्राजील में ओरोपोच वायरस (Oropouche virus) के संक्रमण से दुनिया की पहली मौत रिकॉर्ड हुई है। इस वायरस का इंसानों में संक्रमण बेहद दुर्लभ है। ओरोपोच वायरस एक अज्ञात बीमारी है। यह संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है। ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार गुरुवार को बाहिया में 30 साल की दो महिलाओं की इस वायरस से मौत हुई। दोनों में डेंगू, मलेरिया या अन्य वेक्टर जनित बीमारियों जैसे लक्षण थे।
क्या है ओरोपोच वायरस?
ओरोपोच वायरस पेरिबुनियाविरिडे परिवार के वायरल जीनस ऑर्थोबुनियावायरस के सिम्बू सीरोग्रुप से संबंधित है। इसका पता पहली बार 1955 में चला था। त्रिनिदाद और टोबैगो के एक गांव में एक वनकर्मी को इसका संक्रमण लगा था। उसे बुखार हो गया था। वनकर्मी ओरोपोच नदी के पास वेगा डी ओरोपोच के पास रहता था। इस वजह से वायरस का नाम ओरोपोच रखा गया। 2000 में ओरोपोच वायरस के संक्रमण का मामला ब्राजील, पनामा और पेरू में सामने आया। कोलंबिया और त्रिनिदाद में जानवरों में इसका संक्रमण लगा। पिछले 25 साल में ओरोपोच वायरस के मामले अमेजन क्षेत्र के बोलीविया, ब्राजील, कोलंबिया, इक्वाडोर, फ्रेंच गुयाना, पनामा और पेरू जैसे देशों में पाए गए हैं।
ओरोपोच वायरस का संक्रमण लगने पर 3-10 दिन में सामने आते हैं लक्षण
ओरोपोच वायरस का संक्रमण लगने पर रोग के लक्षण 3-10 दिन में सामने आते हैं। इसके लक्षण डेंगू चिकनगुनिया, जीका वायरस या मलेरिया के लक्षणों जैसे हो सकते हैं। आम तौर पर रोगी को पहले बुखार लगता है। उसके शरीर का तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। रोगी को सिरदर्द होता है और ठंड लगती है। उसे मायलगिया और जोड़ों का दर्द होता है। वायरस के लक्षण एक सप्ताह से अधिक समय तक रहते हैं। करीब 60 प्रतिशत रोगियों में लक्षण कुछ दिनों या हफ्तों बाद फिर से दिखाई दे सकते हैं। ओरोपोच वायरस के संक्रमण के लक्षण डेंगू, चिकनगुनिया, जीका वायरस या मलेरिया जैसे हो सकते हैं।
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ओरोपोच वायरस के संक्रमण के अन्य लक्षण
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