
ट्रेवल डेस्क। भारत में जब घूमने की आती है तो सबसे पहले दिमाग में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर का नाम आता है। बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच यहां की खूबसूरती के लोग कायल हो जाते हैं। वैसे तो ये जगह हिल स्टेशन्स के लिए प्रसिद्ध है लेकिन अगर कहा जाए यहां पर दुनिया का सबसे ऊंचा कृष्ण मंदिर भी यहीं स्थित है तो क्या कहेंगे। दरअसल, ज्यादातर लोगों को लगता है श्रीकृष्ण मंदिर केवल मुथरा-वृंदावन में हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। आज हम आपको एक ऐसे कृष्ण मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे घूमने के लिए आपको जान हथेली पर रखकर जाना पड़ेगा, इतना ही नहीं कई किलोमीटर का लंबा ट्रैक भी करना पड़ेगा, तब जाकर भगवान के दर्शन होंगे। कहा तो ये भी जाता है। इस मंदिर के दर्शन केवल उन्हें होते हैं जिसे भगवान खुद बुलाते हैं। तो चलिए जानते हैं इस मंदिर के बारे में-
विश्व का सबसे ऊंचा कृष्ण मंदिर हिमाचल प्रदेश के किन्नौन जिले के यूला कांड़ा में स्थित है। जिसके बारे में खुद ट्रेवल ब्लॉगर Shivam Sharma ( insta- shivoryx) ने शेयर किया है। उन्होने फैंस के साथ अपना अनुभव शेयर किया है पहले आप ये वीडियो देखिए-
पहाड़ियों पर स्थित कृष्ण मंदिर
भारत में हिमाचल की किन्नौर जिले में स्थित कृष्ण मंदिर तक पहुंचना बिल्कुल भी आसान नहीं है। हिमालय के बीच बने रास्तों से होकर 12 किलोमीटर का ट्रैक कर आप इस मंदिर तक पहुंच सकते हैं। खास बात ये है कि मंदिर का निर्माण एक झील के बीच में किया गया है। जो इसे और भी ज्यादा खूबसूरत बनाता है। स्थानीयों मान्यताओं के अनुसार, जब पांडव वनवास में थे तो उन्होंने श्री कृष्ण को समर्पित करते हुए झील का निर्माण किया था,जिसके बाद यहां मंदिर की स्थापना की गई। अगर आप ट्रैकिंग पसंद करते हैं तो टैक युल्ला गांव से ट्रेकिंग शुरू होती है। यहां पर आप कई दर्रे और झीलों को देख सकते हैं। बीच-बीच में कई वॉटरफॉल्स भी मिलेंगे। जिन्हें देखते आप 3-4 घंटे में या पहुंच सकते हैं। यदि आप भी इस मंदिर के दर्शन के करना चाहते हैं तो सितंबर से नवंबर के महीने में आ सकते हैं इसके बाद भारी बर्फबारी के कारण ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
कैसे पहुंचे किन्नौर
आप फ्लाइट से आना चाहते हैं तो आप दिल्ली से शिमला की फ्लाइट लें। यहां से कल्पा दी दूरी 265 किलोमीटर है। आप सीधे बस और टैक्सी ये यहां आ सकते हैं। वहीं, ट्रेन से आ रहे हैं तो नजदीकी रेलवे स्टेशन देहरादून है, जो किन्नौर से लगभग 240 किलोमीटर दूर है। जबकि सड़क मात्र थोड़ा जोखिम भरा है, आप लाहौल स्पिति के अलावा भारत-तिब्बत दर्रे से होते हुए यहां पहुच सकते हैं। यहां की सड़के थोड़ी ढेड़ी-मेढ़ी है। जहां ड्राइविंग करना हर किसी के बस की बात नहीं है।
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