Chroming Challenge बना डेथ गेम: 13 साल बच्ची की मौत, पैरेंट्स रहें सतर्क

Published : Dec 09, 2025, 02:09 PM IST
chroming challenge

सार

Chroming Challenge: सोशल मीडिया पर क्रोमिंग चैलेंज का ट्रेंड बच्चों में बहुत तेजी से फैल रहा है। इस चैलेंज की वजह के लड़की की मौत हो गई। पैरेंट्स के लिए यह अलार्मिंग टाइम है कि वो अपने बच्चे के मोबाइल पर नजर रखें।

Dangerous Social Media Trend: सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ ना कुछ खतरनाक ट्रेंड चलता है, जिसकी जद में मासूम बच्चे आ जाते हैं। इसी का हिस्सा 13 साल की टीगन जारमैन (Tiegan Jarman) भी बन गई। 'क्रोमिंग चैलेंज' को पूरा करते-करते उसकी जान चली गई और एक हंसता-खेलता परिवार बर्बाद हो गया। आइए पहले बताते हैं, टीगन जारमैन की कहानी और फिर जानते हैं, 'क्रोमिंग चैलेंज' के बारे में।

इंग्लैंड के लीसेस्टरशायर के थर्मास्टन में रहने वाली टीगन जारमैन 6 मार्च को अपने रूम में बेहोश पाई गई। अस्पताल ले जाया गया, लेकिन लंबी कोशिश के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। फैमिली ने बताया कि टीगन की मौत 'क्रोमिंग' नामक एक ऑनलाइन ट्रेंड के कारण हुई। इसमें घर में मिलने वाली चीजों के खतरनाक धुएं को सूंघकर अस्थाई नशा लिया जाता है। टूटी हुई फैमिली अब खतरनाक सोशल मीडिया ट्रेंड्स के प्रति जागरूकता फैलाना चाहता है।

पिता का छलका दर्द

टीगन के सौतेले पिता रॉब हॉपकिन ने बताया कि हमें नहीं पता कि उसने पहले भी यह किया था या नहीं, इसे पता लगाने का कोई तरीका नहीं। जिस दिन यह हादसा हुआ, उस दिन टीगन ने कम से कम एक डिओडोरेंट का कैन इस्तेमाल किया था। उसकी मौत ने हमारी जिंदगी को उलट-पुलट कर दिया है। वो बहुत ही साहसी बच्ची थी। जिंदगी से भरी हुई और थोड़ा अटपटी थी। उसकी बहुत याद आती है।

सोशल मीडिया के खतरनाक ट्रेंड पर रोक जरूरी

परिवार अब सोशल मीडिया के खतरों को लेकर जागरूकता फैलाना चाहता है। रॉब ने कहा कि गुस्सा होना मुश्किल है, क्योंकि यह किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं है। सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे खतरनाक ट्रेंड्स को रोकने के लिए ज्यादा सख्ती बरतनी चाहिए। जिस तरह वे एडल्ट मूवी को कंट्रोल करते हैं, उसी तरह जानलेवा ट्रेंड्स पर भी रोक लगानी चाहिए।

Chroming Challange क्या है?

क्रोमिंग चैलेंज टिकटॉक समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चल रहा है। इसमें हेयर स्प्रे, गैसोलीन, नेल पेंट थिनर, स्प्रे पेंट और अन्य घातक केमिकल्स को सांस के जरिए अंदर लिया जाता जाता है। इन पदार्थों का इस्तेमाल कमहोशी के लिए किया जाता था। यानी हल्का सा बेहोशी के लिए किया जाता है।

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अमेरिकन एडिक्शन सेंटर के मुताबिक यह जानलेवा हो सकता है। ऐसे केमिकल्स के सूंघने की वजह से चक्कर आना, उल्टी, हार्ट मोमशन रुकना, ब्रेन डैमेज हो सकता है। कई केस में मौत भी हो सकती है, जैसा टीगन के साथ हुआ।

पहले भी कई और केस सामने आए

UK के साउथ यॉर्कशायर स्थित डॉनकास्टर में रहने वाले 12 साल के सीजर वॉटसन को इस चैलेंज की वजह से हार्ट अटैक झेलना पड़ा। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न की एसरा हेन्स की भी डियोड्रेंट सूंघने के कारण मृत्यु हो गई थी।

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