
नई दिल्ली. राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। उन्होंने 40 साल की उम्र में देश के प्रधानमंत्री पद की कमान संभाली थी। 20 अगस्त को उनकी 75वीं जयंती है। राजीव दुनिया के सबसे युवा नेताओं में से एक थे जिन्होंने देश का प्रतिनिधित्व किया। उनकी मां इंदिरा गांधी 1966 में पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उनके नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू 58 की उम्र में प्रधानमंत्री बने थे। राजीव का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। मां के निधन के बाद कांग्रेस ने उन्हें अपना नेता चुना। प्रधानमंत्री पद के लिए राजीव की ताजपोशी इंदिरा गांधी की हत्या चंद घंटो बाद ही हो गई थी। अपनी मां की हत्या के शोक से उबरने के बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव कराने का आदेश दिया। उस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पिछले सात चुनावों की तुलना में सबसे अधिक 401 सीट के साथ सत्ता में आई थी।
मुंबई में हुआ था जन्म
राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। उनके माता-पिता लखनऊ से नई दिल्ली आकर बस गए। उनके पिता फिरोज गांधी सांसद रहे। राजीव गांधी ने अपना बचपन अपने दादा के साथ तीन मूर्ति हाउस में बिताया। जिसके बाद वे देहरादून के वेल्हम स्कूली पढ़ाई पूरी करने चले गए। उनके छोटे भाई संजय गांधी को भी इसी स्कूल में भेजा गया जहां दोनों साथ रहे। स्कूली शिक्षा हासिल करने के बाद राजीव ने कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज से पढ़ाई की। इसके बाद वे इम्पीरियल कॉलेज चले गए। जहां उन्होंने मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
संगीत में थी रूची
राजीव गांधी को बचपन से राजनीति में करियर बनाना नहीं चाहते थे। उन्हें संगीत बहुत पसंद था। उनका रूझान विज्ञान की तरफ था। उन्हें पश्चिमी और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय और आधुनिक संगीत पसंद था साथ ही फोटोग्राफी एवं रेडियो सुनने का भी शौक था। इंग्लैंड से घर लौटने के बाद उन्होंने दिल्ली फ्लाइंग क्लब की प्रवेश परीक्षा पास की और राष्ट्रीय जहाज कंपनी इंडियन एयरलाइंस के पायलट बन गए।
कैम्ब्रिज में हुई थी सोनिया से मुलाकात
राजीव के जीवन में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव आया। उनकी मुलाकात कैम्ब्रिज में सोनिया मैनो से हुई थी। वह उस समय अंग्रेजी की पढ़ाई कर रहीं थी। उन्होंने सोनिया से साल 1968 में शादी कर ली। उनके दो बच्चे राहुल और प्रियंका आज कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के चेहरे हैं।
विमान दुर्घटना में हुई छोटे भाई संजय की मौत
1980 में एक विमान दुर्घटना में उनके भाई संजय गाँधी की मौत हो गई थी। जिसके बाद सारी राजनीतिक परिस्थितियां बदल गई। उनपर राजनीति में आने और मां को सहयोग करने का दवाब बनने लगा। उन्होंने अपने भाई की मृत्यु के बाद खाली हुई अमेठी से उपचुनाव लड़ा और जीतकर संसद तक पहुंचे।
1984 में मां की हत्या
31 अक्टूबर 1984 को देश की प्रधानमंत्री और राजीव गांधी की मां इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई। जिसके बाद राजीव को कांग्रेस का अध्यक्ष और देश का प्रधानमंत्री बनाया गया। यह समय राजीव गांधी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने देश में लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान लगभग 250 सभाओं को संबोधित किया और लाखों लोगों से आमने सामने मिले।
इक्कीसवीं सदी के भारत का निर्माण करना चाहते थे
स्वभाव से गंभीर लेकिन आधुनिक सोच और निर्णय लेने की क्षमता रखने वाले राजीव देश के तकनीकों से पूर्ण करना चाहते थे। वे बार-बार कहते थे कि भारत की एकता को बनाये रखने अलावा वे इक्कीसवीं सदी के भारत का निर्माण करना चाहते हैं।
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