
Benami transactions act: सुप्रीम कोर्ट के बेनामी संपत्ति निषेध एक्ट 2016 के आदेश के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के मंत्री डॉ.सत्येंद्र जैन की संपत्तियों को कुर्क किए जाने के आदेश को रद्द कर दिया है। इन संपत्तियों को बेनामी संपत्ति निषेध एक्ट के तहत कुर्क किया गया गया था। हालांकि, डॉ.सत्येंद्र जैन के मनी लॉन्ड्रिंग केस का मामला अलग है। इस पर कार्रवाई व विवेचना लगातार जारी है।
क्या था मामला?
दरअसल, आप सरकार के मंत्री डॉ.सत्येंद्र जैन के खिलाफ बेनामी निषेध अधिनियम 2016 के तहत कार्रवाई की गई थी। इसके कार्रवाई के तहत उनकी संपत्तियों को कुर्क कर दिया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट का गणपति डीलकॉम केस में फैसला आने के बाद अब दिल्ली हाईकोर्ट ने सत्येंद्र जैन की बेनामी एक्ट के तहत संपत्तियों की कुर्की को रद्द कर दिया है। सत्येंद्र जैन के खिलाफ बेनामी निषेध अधिनियम 2016 के तहत कार्रवाई की गई थी। हालांकि, बेनामी अधिनियम 2016 के तहत अभियोजन मामला अभी भी दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है और नवंबर 2022 में सूचीबद्ध है।
अरविंद केजरीवाल ने दो अलग-अलग मामलों को एक ही बताया
दरअसल, जेल में बंद डॉ.सत्येंद्र जैन के बेनामी एक्ट के तहत कुर्क संपत्तियों को जब्त करने वाले हाईकोर्ट के आदेश के बाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुशी दर्ज कराई है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ कोर्ट ने मामला ख़ारिज किया। इन्होंने एक ईमानदार आदमी को ज़बरदस्ती इतने महीनों से जेल में डाला हुआ है। ये लोग अगर अपना समय फ़र्ज़ी केस करने की बजाय राष्ट्र निर्माण के कामों में लगायें तो कितना अच्छा हो!
उधर, सोशल मीडिया पर उनके बयान को भ्रामक बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि केजरीवाल ने दो अलग-अलग मामलों को एक साथ जोड़कर भ्रम पैदा कर रहे हैं। सोशल मीडिया के अनुसार, सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला और उनकी गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत है। मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अभियोग चल रहा है। लेकिन केजरीवाल ने दूसरे मामले को यह मामला बताकर भ्रम पैदा कर रहे हैं।
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