Indo-China: पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में 5 जगहों पर चीन ने लगाया टेंट, सियाचीन के पूर्व में तैनात किए भारी वाहन

Published : Oct 11, 2022, 09:58 PM ISTUpdated : Oct 11, 2022, 10:00 PM IST
Indo-China: पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में 5 जगहों पर चीन ने लगाया टेंट, सियाचीन के पूर्व में तैनात किए भारी वाहन

सार

चीन ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी से महज 140 किलोमीटर दूर डोमर इलाके में हेली-बेस का निर्माण किया है। बेस अभी तक चालू नहीं हुआ है। तीन मल्टी-रॉकेट लॉन्चर वाहनों को यहां पहले ही तैनात किया गया था।

China building infrastructure in eastern Ladakh: पूर्वी लद्दाख में भारत और चीनी सेना के पीछे हटने की खबरों के बीच एक बार फिर चीन का षडयंत्र सामने आया है। चीन लगातार पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहा है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, पूर्वी लद्दाख के विभिन्न प्वाइंट्स पर बुनियादी ढांचा खड़ा करने के अलावा ताकत को बढ़ा रहा है। 

पूर्वी लद्दाख में पांच जगहों पर टेंट लगाकर कब्जा किया

खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के पीएलए ने पिछले महीने पूर्वी लद्दाख में पांच जगहों पर और टेंट लगा लिए हैं। इसने झिंजियांग में वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगभग 200 किमी दूर दाहोंगलिउटान में भी भारी वाहनों को तैनात किया है। इस क्षेत्र उपक्षेत्र उत्तर (SSN) का नार्थ-ईस्ट कहा जाता है। यह सियाचिन ग्लेशियर के पूर्व में स्थित है। उधर, विशेषज्ञों का मानना ​​है कि अधिक तंबू लगाना सर्दी से बचने के प्रयासों का एक हिस्सा था। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि एलएसी के साथ 50,000 से अधिक सैनिकों की मौजूदगी को देखते हुए भारतीय सेना ने पहले ही सर्दियों की पर्याप्त आपूर्ति कर ली है।

पूर्वी लद्दाख में चीन भारी मात्रा में फौज फिर किए तैनात

खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पीएलए ने मांजा में 48 टेंट बनाए हैं, जो चीनी कैंप से 10 किमी दूर है। शिकान्हे में पिछले महीने करीब 1600 टेंट और शेड देखे गए। पहले वहां 1300 टेंट लगाए जाते थे। चिआकांग में चीन ने लगभग 50 नए वाहन और तीन नए शेड तैनात किए हैं। अगस्त में शेडोंग क्षेत्र में 20 नए भारी शेड सामने आए हैं।

इसके अलावा अक्साई चिन से गुजरने वाले राजमार्ग जी-219 पर दाहोंगलिउटान में 60 से अधिक नए सैन्य वाहन तैनात किए गए हैं। यह इलाका एलएसी से 210 किमी दूर है। ऐसा ही इंफ्रास्ट्रक्चर अक्सू इलाके में देखने को मिला है।

हेली-बेस का निर्माण एलएसी से कुछ ही दूरी पर

चीन ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी से महज 140 किलोमीटर दूर डोमर इलाके में हेली-बेस का निर्माण किया है। बेस अभी तक चालू नहीं हुआ है। तीन मल्टी-रॉकेट लॉन्चर वाहनों को यहां पहले ही तैनात किया गया था। हालांकि, खुफिया सूत्रों की मानें तो लॉजिस्टिक्स के लिए शेड बनाए गए हैं। वे दोनों देशों के बीच चल रहे गतिरोध के बीच सर्दियों की आपूर्ति को स्टोर करना चाहते हैं। टेंट का इस्तेमाल सैनिकों के लिए ट्रांजिट कैंप के तौर पर किया जाएगा।

भारत की सर्दियों की तैयारी

रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना सर्दियों के लिए तैयार है। सर्दियों के दौरान 35,000 सैनिकों के ठहरने के लिए कई स्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं। आश्रय आवश्यक सुविधाओं से लैस हैं। सूत्रों ने कहा कि 220 दिनों के लिए 1.5 लाख सैनिकों के लिए शीतकालीन स्टॉक उपलब्ध कराया गया था। पिछले महीने पूर्वी लद्दाख के गोगरा-हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में PP-15 से सैनिकों को हटा दिया गया था। दोनों पक्षों ने इस साल 17 जुलाई को चुशुल-मोल्दो सीमा बैठक बिंदु पर भारतीय पक्ष में सैन्य वार्ता के 16 वें दौर की बातचीत के बाद यह निर्णय लिया था।
 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

ISRO: क्या है 'अन्वेषा' जिसके लॉन्च होते ही आएगी आतंकियों की शामत, क्यों है खास
'भारत ने तलवारों से नहीं दिलों से दुनिया जीती' शिव साधना कर क्या बोले PM मोदी