
भोपाल. कांग्रेस के सीनियर लीडर जयराम रमेश ने शुक्रवार को भाजपा पर चुनाव होने पर समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) का मुद्दा उठाने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा-Bharat Jodo Yatra कोई कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है। पढ़िए और क्या कहा?
रमेश ने मप्र के आगर मालवा जिले के सुमरा खेड़ी में मीडिया से कहा, "चुनाव होने पर भाजपा हमेशा समान नागरिक संहिता का मुद्दा उठाती है। इस बार गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव हो रहे हैं।" यहां राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा पहुंची थी। जयराम नरेश ने कहा-"मैंने संसद में भी उल्लेख किया है कि जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता वाले लॉ कमिशन ने 31 अगस्त, 2018 को अपनी 185 पेज की रिपोर्ट में इस मुद्दे पर कहा था कि सामान्य नागरिक संहिता न तो वांछनीय है और न ही आवश्यक(desirable nor necessary) है। जब भी चुनाव होते हैं, तब भाजपा हमेशा इसे उठाती है।"
बता दें कि मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य में UCC के कार्यान्वयन के लिए एक समिति बनाई जाएगी। गुजरात और हिमाचल प्रदेश सहित कुछ अन्य भाजपा शासित राज्यों ने हाल ही में इसी तरह की घोषणा की थी। बीजेपी द्वारा पैदल मार्च को एक कार्यक्रम के रूप में लेबल किए जाने के बारे में पूछे जाने पर, रमेश ने कहा, "भारत जोड़ो यात्रा एक आंदोलन है न कि एक कार्यक्रम।" पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'बीजेपी इवेंट्स को मैनेज करने में माहिर है और एक बार पार्टी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी (पीएम नरेंद्र) मोदी के बारे में कहा था कि वह दुनिया के शानदार इवेंट मैनेजर हैं।'
रमेश ने कहा, "कोई भी आयोजन इतने लंबे समय तक नहीं चलता है। भारत जोड़ो यात्रा 140 दिनों तक चलेगी और कोई भी कार्यक्रम इतने लंबे समय तक नहीं चल सकता है।" भाजपा द्वारा राहुल गांधी के नेतृत्व वाले पदयात्रा में शामिल होने के लिए अभिनेत्री स्वरा भास्कर की आलोचना करने पर उन्होंने कहा कि न केवल एक बॉलीवुड हस्ती, बल्कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोग जैसे-टेलीविजन अभिनेता, आरएसएस नेता, पूर्व-सैनिक कर्मी भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा, यहां तक कि (योग गुरु) बाबा रामदेव ने भी इसकी प्रशंसा की है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में मार्च 23 नवंबर को पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से बुरहानपुर जिले के बोडरली गांव से मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था और चार दिसंबर को आगर मालवा जिले से राजस्थान में प्रवेश करेगा।
सरकार के लिए सभी नागरिक एक समान होते हैं। उनके लिए कोई धर्म, जाति, क्षेत्र महत्व नहीं रखता इसलिए यूनिफॉर्म सिविल कोड हो, इससे एक ही कानून सभी नागरिकों पर लागू होगा। हरियाणा में UCC लाने पर हम विचार कर रहे हैं, अध्ययन कर रहे हैं- हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज, अंबाला में बोले
पूरे देश में एक समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए। मप्र में जल्द से जल्द कमेटी गठित की जाएगी। देश में दो विधा क्यों? भी नागरिकों को एक समान अवसर और समानता के लिए ये अति आवश्यक है-मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बड़वानी जिले के सेंधवा के चाचारिया में एक सभा में
आखिर क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड, क्यों हो रही इसकी मांग
यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब है- देश के हर नागरिक के लिए एक समान कानून। इसके लागू होने पर धर्म आधारित कानूनों की मान्यता खत्म हो जाएगी। वर्तमान समय में देश में अलग-अलग मजहबों के लिए अलग-अलग कानून (पर्सनल लॉ) हैं। यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने पर हर धर्म के लिए एक सा कानून लागू होग। यानी हर धर्म के पर्सनल लॉ में एकरूपता आ जाएगी।
इसलिए जरूरी : दरअसल, धर्म के आधार पर पर्सनल लॉ होने के चलते कई मामले अदालतों में लंबित होते हैं। इससे अदालतों पर बोझ बढ़ता है। यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने से सभी धर्मों के मामलों में एक कानून लागू होगा। देश में हिजाब विवाद के बीच इस कोड की मांग बढ़ गई है।
इन देशों में लागू है यूनिफॉर्म सिविल कोड
कई मुस्लिम देशों जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया, तुर्की, इंडोनेशिया, सूडान और इजिप्ट जैसे कई देशों में यूनिफॉर्म सिविल कोड पहले से लागू है। लेकिन भारत में इसे लागू करने की बात पर एक वर्ग इसका विरोध करता रहा है।
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