
नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन बिल को संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद एक ओर जहां इसे मोदी सरकार की बड़ी जीत मानी जा रही है। जिसके बाद से बिल के कानून बनने का रास्ता साफ हो गया है। इन सब के बीच सबसे अहम बात यह है कि यह बिल संसद के दोनों सदनों से भले ही पास हो गया है। लेकिन इसका पूर्वोत्तर के राज्यों में सड़क पर अभी भी संग्राम जारी है। उग्र होते विरोध को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया दिया है। इन सब के बीच खबर सामने आ रही है कि विरोध कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने फायरिंग की हैं। हालांकि इस घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
सरकार ने CP को हटाया
नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ उग्र होते विरोध के बीच राज्य सरकार ने गुवाहाटी के पुलिस कमिश्नर को हटा दिय है। गुवाहाटी में लगातार हुए प्रदर्शन के बाद शहर के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार हटा कर उनके स्थान पर मुन्ना प्रसाद को गुवाहाटी का कमिश्नर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही लोगों से विरोध समाप्त करने की भी अपील की जा रही है।
इंटरनेट 48 घंटे के लिए बैन
CAB के तेज होते विरोध के बीच राज्य सरकार ने 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है। लखीमपुर जिले में प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी, AGP के दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया है। इसके साथ ही असम सरकार ने एक्शन लेते हुए चार ADGP का ट्रांसफर कर दिया है।
स्थिति संभालने के लिए उतारे गए केंद्रीय अधिकारी
राज्य सरकार के कहने पर केंद्रीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के बारे गृह सचिव ने अमित शाह को जानकारी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार के कहने पर असम कैडर के IPS अधिकारी जीपी सिंह को असम भेजा गया है। वर्तमान हालात पर काबू करने के लिए केंद्र के सबसे भरोसेमंद अधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भेजे गए हैं। जीपी सिंह, 1991 बैच के असम कैडर के अधिकारी हैं। वहीं, इस मसले पर गृह मंत्रालय की नज़र भी है।
गुवाहाटी में लगाया गया है कर्फ्यू
नागरिकता बिल के पास होने के बाद सबसे ज्यादा विरोध प्रदर्शन असम में हो रहा है। गुवाहाटी में राज्य सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया है, जो गुरुवार रात 7 बजे तक जारी रहेगा। असम में छात्र संगठनों की अगुवाई में चल रहे प्रदर्शन में काफी तोड़फोड़ की गई थी। इसके साथ ही सरकारर ने बुधवार देर शाम सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दिया है।
तैनात की गई सेना
नागरिकता संशोधन विधेयक को जब लोकसभा में पेश किया गया तभी से लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। इन विरोधों के बावजूद सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा से बिल को पारित करा लिया है। जिसके बाद से विरोध और उग्र हो गया है। बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्यों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बुधवार देर शाम को असम रायफल्स की दो कॉलम्स को त्रिपुरा में तैनात किया गया है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। तिनसुकिया में भारतीय जनता पार्टी के अस्थाई दफ्तर में भी प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी थी। इसके अलावा असम के दस जिलों में इंटरनेट को बंद रखा गया है।
प्रदर्शनकारियों ने फूंक दिया रेलवे स्टेशन
पूर्वोत्तर के नागरिक इस सीएबी का जोरदार विरोध कर रहे हैं और इसे उनकी स्थानीय अस्मिता पर हमला मान रहे हैं। यही कारण है कि सड़कों पर प्रदर्शन हो रहा है। असम के छाबुआ, पानितोला रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया है और आग लगा दी। इसके अलावा डिब्रूगढ़, तिनसुकिया के रेलवे स्टेशन को अलर्ट पर रखा गया है। तिनसुकिया में ही सेना ने मार्च भी निकाला है।
राज्यसभा से भी पास हुआ बिल
बुधवार को करीब 6 घंटे की बहस के बाद राज्यसभा से नागरिकता संशोधन बिल पास हो गया है। बिल के समर्थन में 125, विरोध में 99 वोट पड़े थे। कांग्रेस, टीएमसी ने इस बिल का विरोध किया और इसे संविधान के खिलाफ बताया। जबकि, बिल के पास होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह को बधाई दी।
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