बांग्लादेश में तबाही के निशान छोड़कर शांत हुआ चक्रवाती तूफान सितरंग, जानिए IMD की भविष्यवाणी

Published : Oct 26, 2022, 06:53 AM ISTUpdated : Oct 26, 2022, 08:07 AM IST
बांग्लादेश में तबाही के निशान छोड़कर शांत हुआ चक्रवाती तूफान सितरंग, जानिए IMD की भविष्यवाणी

सार

चक्रवाती तूफान सितरंग(Sitrang)  उर्फ सीतांग कमजोर पड़ गया है। इसका सबसे अधिक असर बांग्लादेश में दिखाई दिया। जहां, बड़ी मात्रा में जान और माल का नुकसान हुआ है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि अब समुद्र शांत हो जाएगा। हवाओं की गति भी सामान्य हो जाएगी।

मौसम डेस्क. बांग्लादेश में तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान सितरंग(Sitrang)  उर्फ सीतांग रवाना हो गया है। तूफान से असम में 1000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग(IMD) ने कहा कि आजकल में समुद्र का रौद्र रूप अब खत्म हो जाएगा। हवाओं की गति भी सामान्य हो जाएगी। IMD के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान, अरुणाचल प्रदेश और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में एक या दो मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। (तस्वीर बांग्लादेश की)

इन राज्यों में भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, आजकल में गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मौसम की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होगा। ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट पर भी समुद्र की लहरें अब कम हो जाएंगे तथा हवा की गति भी सामान्य हो जाएगी। दक्षिण तमिलनाडु और केरल में एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। बाकी देश का मौसम शुष्क रहेगा। दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी का हो सकता है।

मिजोरम में चक्रवात 'सितांग' से हुई भारी बारिश 
मिजोरम के ममित और सियाहा(Mizoram's Mamit and Siaha districts) जिलों में चक्रवाती तूफान 'सीतांग या सितरंग' के प्रभाव में तेज हवा के साथ भारी बारिश के कारण 5 घर और दो रिलीफ कैम्प क्षतिग्रस्त हो गए। एक अधिकारी ने कहा कि मूसलाधार बारिश के कारण पूर्वोत्तर राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई राजमार्गों पर भूस्खलन और पेड़ उखड़ गए। स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट एंड रिहेबिलिटेशन डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। त्रिपुरा की सीमा से लगे ममित जिले में सोमवार देर रात दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें से एक नवनिर्मित था। अधिकारी ने कहा कि सियाहा में, तीन आवास और दो राहत शिविर जहां म्यांमार शरणार्थी रह रहे हैं, भी 25 अक्टूबर को भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हो गए। मौसम कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि चक्रवात 'सितरंग' बरिसाल के पास पड़ोसी बांग्लादेश तट को पार कर गया है। चक्रवात ने सोमवार को रात 9.30 से 11.30 बजे के बीच बांग्लादेश में बारिसल के पास तिनकोना द्वीप और सैंडविच के बीच 80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा की गति के साथ 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दस्तक दी थी। पूर्वोत्तर राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवा के साथ भारी बारिश ने बिजली आपूर्ति भी बाधित कर दी। इस बीच, भारी बारिश को देखते हुए आइजोल, दक्षिणी मिजोरम के लुंगलेई और सेरछिप जिलों के सभी स्कूल मंगलवार को बंद रहे। 

बांग्लादेश में चक्रवात सितरंग से 35 की मौत
बांग्लादेश के अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चक्रवात सितरंग ने बांग्लादेश के दक्षिणी तट और मध्य भागों को तबाह कर दिया, जिससे कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई और कई घर तबाह हो गए। एक बंगाली दैनिक समाचार पत्र प्रोथोम अलो( Prothom Alo) के मुताबिक मंगलवार की तड़के सीतांग ने अपना लैंडफॉल पूरा किया और बांग्लादेश के ऊपर एक उष्णकटिबंधीय अवसाद(tropical depression) में कमजोर हो गया। चक्रवात ने घरों और अन्य बुनियादी ढांचों को क्षतिग्रस्त किया, पेड़ उखड़ गए, सड़क डैमेज हुई, कम्यूनिकेशन और और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। मंगलवार को तटों से लगे जिलों में करीब एक करोड़ लोग बिना बिजली के थे।

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि दक्षिण-पश्चिमी चटोग्राम तटरेखा से सबसे ज्यादा मौतें हुईं, जहां बंगाल की खाड़ी में रेत से लदा एक ड्रेजर डूब गया, जिसमें तेज हवा के कारण आठ श्रमिक डूब गए। समुद्र तट पर चक्रवात आश्रयों में दस लाख से अधिक लोगों को निकाला गया था, लेकिन मध्य बांग्लादेश के क्षेत्रों से भी मौतों की सूचना मिली थी, क्योंकि तेज हवाओं के कारण घर गिर गए और पेड़ उखड़ गए, जिससे हताहत हुए। आपदा प्रबंधन और राहत मंत्रालय के राज्य मंत्री इनामुर रहमान ने मंगलवार को ढाका में एक प्रेस वार्ता में कहा कि चक्रवात से पूरे बांग्लादेश में लगभग 10,000 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा, 6,000 हेक्टेयर कृषि भूमि और 1,000 झींगा फार्म भी क्षतिग्रस्त हो गए।

बेशक मौसम विज्ञानियों ने सुपर साइक्लोन के बजाय सितरंग को उच्च तीव्रता वाला(high intensity ) एक सामान्य उष्णकटिबंधीय चक्रवात( tropical cyclone) कहना पसंद किया, लेकिन इसके साथ ही राजधानी ढाका में तटीय शहरों और कस्बों की सड़कों पर भी भारी बारिश हुई। तूफान ने 65 किलोमीटर (40 मील) प्रति घंटे की हवा की गति और 85 किलोमीटर प्रति घंटे (53 मील प्रति घंटे) की रफ्तार से हवा के झोंके के साथ लैंडफॉल बनाया, जबकि यह 25 अक्टूबर की दोपहर यह कमजोर हो गया। 

भारत के इन राज्यों में हुई बारिश 
स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों जैसे पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और शेष उत्तर पूर्व भारत में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। केरल लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। गंगीय पश्चिम बंगाल, पूर्वी बिहार, झारखंड के कुछ हिस्सों और ओडिशा के उत्तरी तट पर कुछ स्थानों पर एक या दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई।

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