
Delhi liquor sales policy: दिल्ली शराब नीति केस की जांच कर रही ईडी ने गुरुवार को बड़ा दावा कर सबको चौका दिया है। ईडी ने कहा कि आप सरकार ने जो शराब बिक्री नीति लागू कुछ दिनों के लिए की थी, उसमें करीब 100 करोड़ रुपये के रिश्वत की लेनदेन की गई है। ईडी ने दावा किया कि सिसोदिया सहित तीन दर्जन से अधिक वीवीआईपी ने कथित तौर पर डिजिटल साक्ष्य मिटाने के लिए 140 से अधिक मोबाइल फोन्स को बदले हैं। इस केस में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी आरोपी हैं।
हालांकि, मनीष सिसोदिया ने ईडी के दावों को खारिज कर दिया है। डिप्टी सीएम का कहना है कि सीबीआई और ईडी कई बार रेड कर चुकी है, पूछताछ कर चुकी है लेकिन उसे अभी तक कुछ मिला नहीं तो शिगूफा छोड़कर भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही।
ईडी ने दो गिरफ्तारियों के बाद किया यह दावा
ईडी का यह दावा तब आया जब दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस से जुड़े दो लोगों को अरेस्ट कर लिया। गुरुवार को दो निजी कंपनियों के दो अधिकारियों को अरेस्ट किया गया। गिरफ्तार किए गए दो लोगों में शराब कंपनी पर्नोड रिकार्ड के महाप्रबंधक बेनॉय बाबू और अरबिंदो फार्मा के पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर पी सरथ चंद्र रेड्डी हैं। आधी रात के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने बाद में उन्हें दिल्ली की एक विशेष अदालत में पेश किया और उन्हें प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में सात दिन के लिए भेज दिया।
स्टॉक एक्सचेंज को एक नोट में अरबिंदो फार्मा लिमिटेड ने कहा कि रेड्डी किसी भी तरह से कंपनी या उसकी सहायक कंपनियों के संचालन से जुड़ा नहीं है। इन दोनों के अलावा, प्रवर्तन निदेशालय ने सितंबर में शराब बनाने वाली कंपनी इंडोस्पिरिट के प्रबंध निदेशक समीर महंदरू को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के अधिकारियों ने दावा किया कि रेड्डी ने पांच खुदरा क्षेत्रों को नियंत्रित किया। जबकि नियम के अनुसार दो से अधिक को नियंत्रित नहीं किया जा सकता। ईडी ने कहा कि अपने नेटवर्क के जरिए रेड्डी ने दिल्ली में लगभग 30 प्रतिशत शराब की बिक्री को नियंत्रित किया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि रेड्डी ने राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों को एहसान के लिए भुगतान किए गए रिश्वत के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये एकत्र किए।
दोनों अरेस्ट हुए लोग नीति बनाने में शामिल
ईडी ने आरोप लगाया कि दोनों व्यक्ति, सरकारी अधिकारियों के साथ दिल्ली आबकारी नीति का मसौदा तैयार करने में कथित रूप से शामिल थे। पूरे नेटवर्क के कार्टेलाइजेशन में भी उनकी भूमिका थी। प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया कि जब पहली बार उनके ठिकानों पर रेड किया गया था तो एक जगह से नीति का एक मसौदा बरामद किया गया था। एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि खुदरा शराब कारोबार में 200 करोड़ रुपये का निवेश एक इकाई द्वारा नीति निर्देशों का उल्लंघन करके किया गया था।
दिल्ली सीएम ने भी लगाए आरोप
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सिसोदिया का साथ देते हुए ईडी और सीबीआई के गलत तरीके से इस्तेमाल का आरोप लगाया है। दिल्ली सीएम ने कहा कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को रिपोर्ट करने वाली एजेंसियों को चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं को निशाना बनाने के लिए कहा गया है। चूंकि,अगले महीने गुजरात में चुनाव है, बीजेपी चुनाव हार रही है तो इसे प्रभावित करने के लिए वह एजेंसियों से आम आदमी पार्टी के नेताओं को धमकी दिला रही है।
क्या है आबकारी नीति करप्शन केस?
दिल्ली सरकार ने बीते साल नई आबकारी नीति लाई थी। दिल्ली आबकारी नीति के लागू होने के बाद आप सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। आरोप है कि इस नीति से डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने करीबियों को लाभ पहुंचाया है। इसके एवज में उनके खास लोगों के माध्यम से करोड़ों रुपयों का ट्रांसफर किया गया है। बीते दिनों दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। गुरुवार को सीबीआई ने मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीबीआई के एफआईआर में आरव गोपी कृष्णा, पूर्व उप आबकारी आयुक्त आनंद तिवारी और सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर के अलावा नौ व्यवसायी और दो कंपनियों को नामजद किया गया है। सीबीआई ने एफआईआर में कुल नौ निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया है। मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ओनली मच लाउडर के पूर्व सीईओ विजय नायर, ब्रिंडको स्पिरिट्स के मालिक अमनदीप ढाल, इंडोस्पिरिट के एमडी समीर महेंद्रू, महादेव लिकर्स के सन्नी मारवाह और हैदराबाद के अरुण रामचंद्र पिल्लई के अलावा अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा, अर्जुन पांडेय, पर्नोड रिकार्ड के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट मनोज राय को नामजद किया गया है।
सीबीआई की एंट्री के बाद आबकारी नीति को वापस ले लिया
दिल्ली सरकार, जिसका नेतृत्व अरविंद केजरीवाल करते हैं, ने 17 नवम्बर 2021 को नई आबकारी नीति को लागू किया था। नई नीति को लेकर बीजेपी ने आपत्ति जताई थी। इस साल दिल्ली में नए उप राज्यपाल के रूप में वीके सक्सेना की नियुक्ति होने के बाद इस मामले में जांच की सिफारिश कर दी गई। उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली आबकारी नीति को लागू करने में भ्रष्टाचार की बात कहते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी थी। हालांकि, सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद आप सरकार ने नई आबकारी नीति को रद्द कर दिया था।
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