
हैदराबाद. उत्तरप्रदेश के बागपत की रहने वाली ऋचा तोमर 24 अगस्त को आईपीएस बन जाएंगी। वे एक किसान की बेटी हैं। उनके आलावा उनके परिवार में पांच बहनें और एक छोटा भाई है। ऋचा तोमर का साल 2017 की यूपीएसी परीक्षा में चयन हुआ था। ऋचा का कहना है कि भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन करने के बाद उनका पहला काम महिलाओं से जुड़े अपराधों को खत्म करना होगा। बता दें, 24 अगस्त को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से 92 आईपीएस और 11 आईएफस देश- विदेश के विभिन्न हिस्सों में नियुक्त किये जाएंगे। इस पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्य अतिथि देश के गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे।
उत्तरप्रदेश में जन्मी हैं ऋचा को मिला राजस्थान कैडर
ऋचा तोमर उत्तरप्रदेश के बागपत की रहने वाली हैं। वह शादीशुदा हैं और एक बच्चे की मां भी हैं। उनके पिता किसान हैं। ऋचा के मुताबिक, मैंने ने अपनी पूरी पढ़ाई बागपत शहर से की है। उन्होंने माइक्रोबायोलोजी में एमएससी किया है। आईएमस यूनिवर्सिटी से बीएससी टॉपर रह चुकी हैं। उन्होंने नेट, जेआरएफ और पीएचडी कर चुकी हैं। ऋचा को उत्तरप्रदेश कैडर में नियुक्त किया गया है। उन्होंने 1973 बैच आईपीएस ऑफिसर ट्रॉफी से नवाजा गया।
चुनौतियों भरा रहा ट्रेनिंग का सफर
ऋचा की कहानी सूर्यवंशम फिल्म में हीरा ठाकुर की कलेक्टर बहू से मिलती है। दरअसल, फिल्म दर्शाया गया था कि कैसे मां बनने के बाद भी वह आईएएस बनती है और अपने बेटे को पति के हवाले कर ट्रेनिंग पूरी करने जाती है। ऋचा की भी कहानी कुछ इस तरह की रही। वह जब आईपीएस अफसर बनीं तो उनका बेटा एक साल का था। उन्होंने सीजेरियन डिलिवरी कराई थी। उनके सामने शारीरीक चुनौतियां थी। ऋचा बताती हैं कि आपको अकादमी में शारीरीक और अकादमिक तौर पर सक्षम होना जरूरी है। जब आप अपने लक्ष्य को समर्पित होते हैं, तो उसे हासिल कर लेते हैं। ऋचा के मुताबिक,'अकादमी में तीन महीने काफी चुनौतियों भरे रहे। खासकर स्पोर्ट्स प्रैक्टिस को लेकर बड़ी मुश्किलें सामने आती थीं'।
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