पुड्डुचेरी एग्जिट पोल 2026 में NDA की सरकार बनने का अनुमान है। विभिन्न सर्वे NDA को 16-20 सीटें दे रहे हैं। 2021 में भी एग्जिट पोल का सत्ता परिवर्तन का अनुमान सही साबित हुआ था।

Puducherry Exit Poll Result 2026: सभी 5 राज्यों में वोटिंग खत्म होने के बाद 29 अप्रैल को तमाम सर्वे एजेंसियों ने एग्जिट पोल के अनुमान जारी किए। नतीजों के मुताबिक, पुड्डुचेरी में इस बार बीजेपी की सरकार बनती दिख रही है। बता दें कि पुड्डुचेरी में 9 अप्रैल को एक चरण में वोटिंग हुई थी।

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  • एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल्स के मुताबिक, पुड्डूचेरी की 30 सीटों में से NDA+ को 16-20 सीटें, कांग्रेस+ को 6-8 सीटें और अन्य के खाते में 3-7 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। यानी बीजेपी गठबंधन सरकार बनाती हुई दिख रही है।
  • वहीं, पीपल्स पल्स के सर्वे में NDA+ को 16-19 सीटें, कांग्रेस+ को 10-12 सीटें और अन्य के खाते में 1-2 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

पुड्डुचेरी: पिछले विधानसभा चुनाव में क्या थे एग्जिट पोल के रिजल्ट

पुदुचेरी विधानसभा चुनाव 2021 के एग्जिट पोल से भाजपा और ऑल इंडिया एनआर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) के नेतृत्व वाले एनडीए की जीत और सत्ताधारी कांग्रेस-द्रमुक के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की हार का अनुमान लगाया गया था। पुड्डुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 16 सीटों की आवश्यकता थी। इन एग्जिट पोल्स के अलावा, चुनाव से पहले आए अधिकतर ओपिनियन पोल्स ने भी स्पष्ट रूप से एनडीए को 16 से 27 सीटों के बीच पूर्ण बहुमत मिलने की भविष्यवाणी की थी।

पुड्डूचेरी में चुनाव परिणाम के बाद क्या थी हकीकत

पुदुचेरी में भी एग्जिट पोल्स का सत्ता परिवर्तन का अनुमान सही निकला। एन. रंगास्वामी के नेतृत्व वाले एनडीए (एआईएनआरसी+भाजपा+अन्नाद्रमुक) ने 16 सीटें जीतकर साधारण बहुमत हासिल किया और सरकार बनाई। सत्ताधारी यूपीए (कांग्रेस+द्रमुक) को केवल आठ सीटें मिलीं। बाकी छह सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

क्या है एग्जिट पोल

एग्जिट पोल वोटिंग से पहले किया जाने वाला एक सैम्पल सर्वे है, जिसमें वोटर, उम्मीदवार, चुनाव क्षेत्र और उसकी स्थिति के अनुसार प्रश्नावली तैयार करके एक सर्वे किया जाता है, जिसमें वोटर के मन को खंगालने की कोशिश होती है। एग्जिट पोल्स के अनुमान वोटिंग खत्म होने के बाद जारी किए जाते हैं, जिससे इस बात का एक मोटा-मोटा अंदाज मिलता है कि अलग-अलग पार्टियां चुनाव में कैसा प्रदर्शन कर सकती हैं। जरूरी नहीं कि हर बार एग्जिट पोल्स सटीक या गलत साबित हों।