पश्चिम बंगाल में TMC के 19 बागी सांसद असली पार्टी का दावा पेश करेंगे। इससे ममता बनर्जी के पार्टी से बाहर होने का खतरा है। पूर्व CM पर भड़काऊ बयान के लिए FIR भी दर्ज हुई है और 4000 EVM वाली बिल्डिंग में आग लगी है।
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में TMC के सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी में बगावत तेज हो गई है। लोकसभा के 19 बागी सांसद अब अपने गुट को ही असली TMC के तौर पर मान्यता दिलाने की तैयारी में हैं। इसके लिए वे सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात करने वाले हैं। अगर स्पीकर उनकी मांग मान लेते हैं, तो यह लगभग तय हो जाएगा कि ममता बनर्जी 28 साल पहले बनाई अपनी ही पार्टी से बाहर हो जाएंगी।

बागी गुट के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा ने कहा, 'हमने इस बारे में पहले ही एक चिट्ठी दे दी है। सोमवार को हम स्पीकर से मिलकर असली TMC संसदीय दल बनाने का दावा पेश करेंगे और हमें मान्यता देने की गुजारिश करेंगे।' उन्होंने बताया कि इस चिट्ठी पर 19 सांसदों के दस्तखत हैं। चूंकि यह संख्या पार्टी के कुल सांसदों के दो-तिहाई से ज्यादा है, इसलिए उन्हें मान्यता मिलने की संभावना काफी ज्यादा है। कहा जा रहा है कि इस बागी गुट की नेता काकोली घोष हो सकती हैं।
वहीं, सांसद शताब्दी रॉय ने कहा, 'ममता बनर्जी ने हमसे कोई संपर्क नहीं किया है। अब उनके पास सिर्फ 6-7 सांसद ही बचे हैं।' हालांकि, बागी गुट के सांसदों ने अब तक ममता को पार्टी से निकालने के बारे में खुलकर कुछ नहीं कहा है। लेकिन अगर स्पीकर बागी गुट को मान्यता दे देते हैं, तो ममता बनर्जी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं। अगर वहां भी उन्हें हार मिली, तो बागी गुट उन्हें पार्टी से निकाल सकता है या फिर वह खुद ही पार्टी छोड़ सकती हैं।
भड़काऊ बयान: पूर्व CM ममता के खिलाफ FIR दर्ज
मार्च में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाले बयान देने के आरोप में राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। धर्मतला में एक चुनावी रैली के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर एक खास समुदाय हिंदुओं पर हमला कर दे, तो हिंदुओं को 5 मिनट में खत्म किया जा सकता है। एक बिजनेसमैन ने ममता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि यह बयान सामाजिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ता है। इसी शिकायत के आधार पर हरे स्ट्रीट पुलिस ने FIR दर्ज की है।
पार्टी टूटी तो 220 करोड़ की संपत्ति किसकी?
पश्चिम बंगाल में 15 साल तक राज करने वाली TMC अब टूटने की कगार पर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि किस गुट को असली माना जाएगा और पार्टी की करोड़ों की संपत्ति किसके हिस्से में जाएगी।
2025 में दाखिल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न्स के मुताबिक, 2024-25 में TMC की कमाई 219.35 करोड़ रुपये थी। इसमें से 184.08 करोड़ रुपये चंदे से और 33.685 करोड़ रुपये FD के ब्याज से आए थे। चुनावी बॉन्ड रद्द होने से पहले 2029-24 के बीच TMC ने इनके जरिए 1,609.5 करोड़ रुपये जुटाए थे। 2025-26 की कमाई का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन ADR की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 36 क्षेत्रीय दलों में TDP के बाद सबसे ज्यादा संपत्ति TMC के पास ही है।
इससे पहले 56 विधायकों के साथ बगावत करने वाले ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता घोषित किया जा चुका है। ऐसे में अगर पार्टी आधिकारिक तौर पर दो हिस्सों में बंटती है, तो चुनाव आयोग किसी एक गुट को 'दो फूल' का चुनाव चिह्न देगा। तब पार्टी की पूरी संपत्ति भी उसी गुट को मिलेगी। अगर बागी गुट को ही असली TMC मान लिया गया और वह भविष्य में BJP के साथ मिल गया, तो TMC का सारा फंड भी BJP के खाते में चला जाएगा।
बंगाल: 4000 EVM वाली बिल्डिंग में आग, जांच के लिए SIT बनी
हाल के विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में चल रहे इस सियासी नाटक के बीच, बुधवार को एक ऐसी बिल्डिंग में आग लग गई जहां 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) रखी हुई थीं। बताया जा रहा है कि इनमें 10 विधानसभा क्षेत्रों के वोट दर्ज थे। 24 घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कोलकाता पुलिस ने जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है।
इस बारे में मंत्री कौशिक चौधरी ने कहा, 'यह आग सामान्य नहीं लगती। आग पहले बिल्डिंग की दूसरी और तीसरी मंजिल पर लगी, फिर बीच की मंजिलों को नुकसान पहुंचाए बिना सीधे 7वीं और 8वीं मंजिल तक कैसे पहुंच गई?' उन्होंने इस घटना पर शक जाहिर किया है।
