कृषि कानून के विरोध में 4 घंटे का रेल रोको आंदोलन शुरू, बिहार-हरियाणा में पटरियों पर लेटे प्रदर्शनकारी

Published : Feb 18, 2021, 07:54 AM ISTUpdated : Feb 18, 2021, 01:03 PM IST
कृषि कानून के विरोध में 4 घंटे का रेल रोको आंदोलन शुरू, बिहार-हरियाणा में पटरियों पर लेटे प्रदर्शनकारी

सार

कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने गुरुवार को देशभर में रेल रोको आंदोलन बुलाया है। यह आंदोलन 12 बजे से चार बजे तक चलेगा। अब इस आंदोलन का असर देखने को मिलने लगा है। बिहार के पटना में पप्पू यादव की पार्टी JAP के कार्यकर्ताओं ने रेल होगी। कार्यकर्ता पटरी पर लेट गए।

नई दिल्ली. कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने गुरुवार को देशभर में रेल रोको आंदोलन बुलाया है। यह आंदोलन 12 बजे से चार बजे तक चलेगा। अब इस आंदोलन का असर देखने को मिलने लगा है। बिहार के पटना में पप्पू यादव की पार्टी JAP के कार्यकर्ताओं ने रेल होगी। कार्यकर्ता पटरी पर लेट गए।
 

 

अपडेट्स: 

- गाजियाबाद में किसानों के रेल रोको आंदोलन के आह्वान पर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। SHO ने बताया, "सभी जगह सुरक्षाबल को तैनात कर दिया गया है और किसानों से भी वार्ता चल रही है ताकि वो शांतिपूर्ण ढंग से अपना कार्यक्रम करें।


हरियाणा के पलवल में किसानों ने रोका ट्रैक
 



शांतिपूर्ण हो किसान आंदोलन
इससे पहले गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से 12 बजे से 4 बजे तक रेल रोकने की योजना बनाई है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा, हम यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए जलपान की भी व्यवस्था करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा को उम्मीद है कि इस बंद का देशभर में समर्थन मिलेगा। हालांकि, उन्होंने इस आंदोलन को शांतिपूर्ण ढंग से करने की अपील की है। उन्होंने कहा, हर किसी से अपील है कि देशभर में 12 बजे से शाम 4 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से रेल रोको आंदोलन किया जाए। 

रेल और यात्रियों का होगा स्वागत
किसान 12 बजे अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन पर जाकर रेल रोकेंगे। यहां सबसे पहले वे रेल का फूल मालाओं के साथ स्वागत करेंगे। इतना ही नहीं किसान यात्रियों से बातचीत भी करेंगे। इस दौरान किसान उन्हें दूध, पानी और चाय भी पिलाएंगे। 

रेलवे की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात 
वहीं, रेलवे ने किसानों के इस ऐलान को देखते हुए प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनाती की हैं। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के डायरेक्टर जनरल अरुण कुमार ने कहा, हम चाहते हैं कि किसान यात्रियों के लिए असुविधा पैदा ना करें और ये चार घंटे आसानी से बीत जाएं। उन्होंने कहा, हमारा मुख्य फोकस पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और प बंगाल जैसे राज्यों पर है।

भाजपा ने बनाई नई रणनीति
उधर, किसान आंदोलन को देखते हुए अब भाजपा को राजनीतिक नुकसान की चिंता सताने लगी है। इसी के चलते मंगलवार को भाजपा दफ्तर में बैठक हुई। इसमें गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, पार्टी महासचिव बीएल संतोष, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के नेता शामिल हुए। बैठक में नेताओं से कहा गया कि वे अपने क्षेत्रों में स्थानीय खापों, पंचायतों का आयोजन करें, ताकि किसानों को कृषि कानूनों के बारे में समझाया जा सके। 

दरअसल, पार्टी का मानना है कि जल्द इस समस्या को हल ना किया गया तो पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में जाट बहुल इलाकों में बड़ा नुकसान हो सकता है।  

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