अन्नदाताओं का विरोध प्रदर्शन जारी, रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान, केंद्र सरकार से होगी बातचीत

Published : Feb 15, 2024, 10:52 AM ISTUpdated : Feb 15, 2024, 06:50 PM IST
Protesters sitting on rail tracks

सार

विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच आज तीसरे दौर की बातचीत होगी। विरोध प्रदर्शन जारी रहा तो किसान पंजाब में ट्रेनें रोकेंगे। 

नई दिल्ली। किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच आज तीसरे दौर की बातचीत होगी। किसानों ने 'दिल्ली चलो' का नारा दिया है। हजारों किसान अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे हुए हैं। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय किसान नेताओं के साथ बातचीत के लिए चंडीगढ़ पहुंचे हैं। जगजीत सिंह दलेवाल और जरनैल सिंह समेत कई किसान नेता भी बातचीत के लिए चंडीगढ़ पहुंचे हैं। केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच बातचीत महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में होगी।

किसानों और केंद्र सरकार के बीच हुई पिछली बातचीत विफल हो गई थी। इसके बाद किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली चलो मार्च शुरू किया था। किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर बुधवार को राजनाथ सिंह, अर्जुन मुंडा समेत कई सीनियर केंद्रीय मंत्रियों की बैठक हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अर्जुन मुंडा के साथ किसानों से जुड़े कई मामलों में विचार विमर्श किया। अर्जुन मुंडा वर्तमान में कृषि मंत्रालय संभाल रहे हैं। वह किसान समूहों के साथ पिछली चर्चाओं में शामिल रहे हैं।

रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान

किसानों ने गुरुवार को रेलवे ट्रैक पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर सैकड़ों किसान बैठे। किसानों ने दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ट्रेनों को इस रूट से नहीं गुजरने दिया गया। किसानों ने टोल कानों पर भी  विरोध प्रदर्शन किया। 

16 फरवरी को किसानों ने बुलाया देशव्यापी हड़ताल

भारतीय किसान यूनियन (कादियान) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) पंजाब चैप्टर के हरमीत सिंह कादियान ने 16 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इसके साथ ही 15 फरवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक पंजाब भर के टोल प्लाजा पर अतिरिक्त विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई है।

पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू बॉर्डर पर तनाव बना हुआ है। यहां हजारों किसान जुटे हुए हैं। सुरक्षा बलों द्वारा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश कर रहे किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं। आंसू गैस के गोले दागने और किसानों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, किसान पतंग से ड्रोन गिराने की कोशिश करते दिखे हैं।

किसानों को रोकने के लिए की गई है किलेबंदी
हरियाणा पुलिस ने दाता सिंहवाला-खनौरी सीमा को बैरिकेड्स लगाकर बंद किया है। यहां किलेबंदी की गई है ताकि किसानों को दिल्ली जाने से रोका जा सके। किसानों को रोकने के लिए दिल्ली के चारों ओर प्रमुख बिंदुओं, जैसे कि गाजीपुर, सिंघू और टिकरी पर बैरिकेड्स, कंक्रीट ब्लॉक, लोहे की कीलें और कंटेनर की दीवारें खड़ी की गई हैं।

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प्रदर्शनकारी किसान MSP (Minimum Support Price) की गारंटी वाला कानून बनाने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, कर्ज माफी और लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

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