
नई दिल्ली। भारत और रूस की सेनाओं ने रूस में वोल्गोग्राड के प्रूडबॉय रेंज में इंद्र-2021 अभ्यास के मुख्य चरण को पूरा कर लिया है। दोनों देशों के इस अभ्यास का उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों को खत्म करने है। दोनों सेनाएं संयुक्त रणनीति के तहत काम कर आतंकवाद रोधी अभियानों का संचालन करेंगी।
संयुक्त अभ्यास 4 अगस्त को हुआ था प्रारंभ
संयुक्त अभ्यास 4 अगस्त को शुरू हुआ था। इसके तहत दोनों ने देशों ने संयुक्त रूप से योजना बनाने और संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत आतंकवाद-रोधी अभियानों का संचालन करने के लिए समन्वय बनाकर काम करने का प्रशिक्षण लिया।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वोल्गोग्राड के पास इंद्र 2021 रूसी-भारतीय अभ्यास का मुख्य चरण पूरा हो गया है। इस अभ्यास में विमानन और तोपखाने की संपत्ति और टैंक का उपयोग करने की प्रैक्टिस की गई है।
अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों को भी हुआ अभ्यास में इस्तेमाल
इस अभ्यास में हथियार प्रणालियों में टी-90 ए और बीएमपी-3 टैंक, बख्तरबंद कार्मिक वाहक, टॉरनेडो-जी मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, मानव रहित हवाई वाहन, बख्तरबंद उपकरण और ऑफ-रोड वाहन उपकरण भी शामिल थे।
जैविक हथियारों के खिलाफ भी किया अभ्यास
अभ्यास में, दो देशों के सैनिकों ने सशर्त विस्फोटक उपकरणों और अवैध सशस्त्र संरचनाओं की खोज और विनाश किया। उन्होंने इमारतों और जमीन पर परमाणु, जैविक और रासायनिक टोही भी की।
दो दशक से मिलकर कर रहे अभ्यास
दोनों देशों के बीच इंद्र अभ्यास 2003 से नियमित रूप से आयोजित किया गया है। अभ्यास दोनों देशों के बीच बारी-बारी से होता है। दोनों देश इस साल के अंत में अपनी पहली भारत-रूस 2़2 मंत्रिस्तरीय वार्ता और वार्षिक शिखर सम्मेलन भी आयोजित करेंगे।
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