
नई दिल्ली। केरल हाईकोर्ट ने विदेश यात्रा करने वालों की तरह शिक्षा या रोजगार के लिए वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने की मांग करने वालों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सोमवार को केंद्र को निर्देश दिया है कि जो लोग शुरुआती प्रोटोकॉल के संदर्भ में जल्दी टीका लेना चाहते हैं, उनके लिए पहली खुराक से चार सप्ताह के बाद कोविशील्ड की दूसरी खुराक लेने की व्यवस्था करें।
कोर्ट ने बताया कि क्यों शिक्षा या रोजगार के लिए दूसरी डोज जल्द दें
जस्टिस पीबी सुरेश कुमार ने कहा कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें विदेश यात्रा करने वाले व्यक्तियों को कोविड-19 से जल्दी और बेहतर सुरक्षा दूसरे डोज की अनुमति दे रही है तो अन्य को भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र उनको भी यह अनुमति दे जो अपने रोजगार या शिक्षा के संबंध में वायरस से जल्दी सुरक्षा चाहते हैं।
हाई कोर्ट की ओर से सोमवार को उपलब्ध कराए गए 3 सितंबर के आदेश में कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नीति के अनुसार भी लोगों के पास जल्दी वैक्सीनेशन कराने का विकल्प होना चाहिए।
कोविन पोर्टल में भी करें बदलाव
हाईकोर्ट ने वैक्सीन के प्रारंभिक प्रोटोकॉल में भी कोविन पोर्टल में तुरंत बदलाव करने के लिए केंद्र को निर्देश दिया है। यह इसलिए ताकि ऐसे लोगों को लाभ मिल सके जो चार सप्ताह की अवधि के बाद दूसरी खुराक लेना चाहते हैं। बदलाव के बाद उनके लिए पहली डोज के चार बाद कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी डोज का टाइम मिल सके।
कोविशील्ड में दो डोज का अंतराल 84 दिनों का
कोरोना वैक्सीनेशन प्रोगाम में कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच 84 दिन का अंतराल रखा गया है। वहीं कोवैक्सीन का दूसरा डोज चार सप्ताह बाद ही लगवाया जा सकता है।
कोर्ट में लगाई गई थी गुहार
काइटेक्स गारमेंट्स लिमिटेड ने केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कंपनी की ओर से कोर्ट में अधिवक्ता ब्लेज के. जोस ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि 84 दिनों तक इंतजार किए बिना अपने कर्मचारियों को कोविशिल्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक देने की अनुमति दी जाए।
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