लद्दाख: LAC पर भारत की हुंकार, चीन से निपटने को है तैयार, ऐसी है रणनीति

Published : Sep 27, 2020, 01:27 PM IST
लद्दाख: LAC पर भारत की हुंकार, चीन से निपटने को है तैयार, ऐसी है रणनीति

सार

भारत - चीन सीमा विवाद के बीच दोनों सेनाओं के बीच बातचीत के जरिए मसले को सुलझाने की कोशिशें हो रही हैं लेकिन भारतीय सेना चीन के खिलाफ किसी भी मोर्चे पर अपनी तैयारियों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। चीन से तनातनी के बीच भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास अपनी पूरी तैयारी करली है।  

लद्दाख. भारत - चीन सीमा विवाद के बीच दोनों सेनाओं के बीच बातचीत के जरिए मसले को सुलझाने की कोशिशें हो रही हैं लेकिन भारतीय सेना चीन के खिलाफ किसी भी मोर्चे पर अपनी तैयारियों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। चीन से तनातनी के बीच भारतीय सेना ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास अपनी पूरी तैयारी करली है।

पिछले करीब पांच महीनों से पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सीमा पर दोनों देशों की सेनाएं युद्ध के मोर्चे पर तैनात हैं। इसी बीच दोनों सेनाओं के बीच बातचीत के जरिए मसले को सुलझाने की कोशिशें भी हो रही हैं। लेह से 200 किलोमीटर दूर पूर्वी लद्दाख के चुमार डेमचौक सरहद पर भारतीय सेना के सैनिक और टैंक चीन से युद्ध की किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं। 16000 से लेकर 18000  फीट की ऊंचाई पर शून्य से नीचे के तापमान में भारतीय सेना के जवान मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में उनके रहने के लिए खास तरह के इंतजाम किए गए हैं। डेमचौक में सिंधु नदी के किनारे हजारों मील में फैली घाटी में भारतीय सेना के टी 90 टैंक और बीएमपी चीन के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं। ये टैंक कुछ ही पलों में चीन की सरहद में घुसकर उसके ठिकानों को नेस्तनाबूद कर सकते हैं।

सीमा पर टी-90 भीष्म टैंक की तैनाती

दोनों देशों के सीमा तनाव के बीच भारत ने दुनिया के सबसे अचूक टैंक माने जाने वाले टी-90 भीष्म टैंक को पूर्वी लद्दाख में तैनात कर दिया है। इसकी तैनाती को क्षेत्र में भारतीय सेना का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। टी-90 भीष्म टैंक में मिसाइल हमले को रोकने वाला कवच है। इसमें शक्तिशाली 1000 हॉर्स पावर का इंजन है। 48 टन वजन वाला यह टैंक एक बार में 550 किमी की दूरी तय करने में सक्षम है। यह दिन और रात दोनों समय में दुश्मन से लड़ने की क्षमता रखता है। हांलाकि क्षेत्र में इसकी तैनाती से यह स्पष्ट है कि सीमा पर बातचीत के बाद भी संवेदनशीस स्थिति बनी हुई है। 

क्षेत्र में मौसम भी दूसरा दुश्मन

पूर्वी लद्दाख के क्षेत्र में सिर्फ चीन ही भारतीय सेना का दुश्मन नहीं है बल्कि यहां मौसम भी एक बड़ा दुश्मन है। क्षेत्र में बर्फबारी शुरू हो चुकी है और अब तापमान शून्य से 20 से लेकर 40 डिग्री नीचे जा चुका है। ऐसे में यहां सैनिकों के रहने के लिए खास तरह के टेंट तैयार किए गए हैं। इन टेंट में जवानों के रहने और खाने-पीने जैसी हर सुविधा का ध्यान रखा गया है।  चीन की हरकतों को देखते हुए लद्दाख में चीन से लगने वाली सीमा के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सेना युद्ध स्तर पर ऐसे टेंट और प्रीफैब्रीकेटेड हट्स तैयार कर रही है। 

इसके साथ ही भारतीय सेना द्वारा क्षेत्र में लगातार इन इलाकों में सेना के लिए हथियार और जरूरी  सैन्य सामान पहुंचाने का भी काम युद्ध स्तर पर हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना के हजारों सैनिक मुश्किल हालातों में हर उस पहाड़ी और घाटी में तैनात हैं जहां से चीन घुसपैठ की कोशिश कर सकता है। इसीलिए भारतीय सेना क्षेत्र में चीन की हरेक हरकत पर नजर बनाए हुए है। 

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