
बिहार। लोक सभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और सभी दल और प्रत्याशी तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में बिहार में भी लोकसभा चुनाव को लेकर पूर्व नेता राम विलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान ने भी आज पिता की सीट हाजीपुर से ही चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। हाल ही में एनडीए की ओर से उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी को 5 सीटें देने का ऐलान किया गया है। चिराग को पांच सीटें मिलने के बाद से ही केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने भाजपा से एलांयस तोड़ने के साथ पद से इस्तीफा दे दिया था।
पिता की सीट से चुनाव लड़ने का मिल सकता है लाभ
राम विलास पासवान काफी चर्चित नेता थे। हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र मानो उनका घर ही बन गया था। वह हमेशा हाजीपुर सीट से ही चुनाव लड़ते थे। अब उनके न रहने पर उनके बेटे चिराग पासवान ने उनकी जगह ली है। ऐसे में आने वाले लोकसभा चुनाव में चिराग पासवान पिता की विरासत को संजोने के लिए हाजीपुर सीट से ही चुनाव लड़ने जा रहे हैं। पिता का गढ़ होने का लाभ चुनाव में चिराग को मिलने की काफी संभावना है।
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पासवान को मिली थी ऐसी जीत गिनीबुक में दर्ज हुआ था नाम
राम विलास पासवान ने 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। वह उन्होंने इस चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को चार लाख वोटों के बड़े अंतर से हराया था। अब तक इतनी बड़ी जीत किसी प्रत्याशी को लोकसभा चुनाव में नहीं मिली है। यह जीत इतनी बड़ी थी कि इसका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया। पासवान इस सीट से 9 बार चुनाव जीते हैं। 2019 में पशुपति पारस यहां से चुनाव जीते थे।
जमुई से सांसद हैं चिराग पासवान
चिराग पासवान के लिए राजनीति में आना ज्यादा कठिन नहीं था। पिता का राजनीतिक बैक ग्राउंड उनके साथ था जिससे कोई दिक्कत भी नहीं हुई। फिलहाल चिराग जमुई लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। इसके साथ ही वह एलजेपी के संसदीय कमेटी के प्रमुख हैं।
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