
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव (Congress presidential poll) में प्रत्याशी मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि मैं चुनाव किसी का विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि पार्टी को मजबूत करने के लिए लड़ रहा हूं।
खड़गे ने कहा, "वरिष्ठ और युवा नेताओं ने उनसे मैदान में उतरने का आग्रह किया, जिसके बाद उन्होंने नामांकन करने का फैसला किया। एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के तहत मैंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता के पद से नामांकन के दिन इस्तीफा दे दिया।" दरअसल, झारखंड के पूर्व मंत्री के एन त्रिपाठी का नामांकन शनिवार को खारिज होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में शशि थरूर और मल्लिकार्जुन खड़गे ही मैदान में रह गए हैं।
आज से शुरू कर रहा हूं चुनाव अभियान
खड़गे ने कहा कि मैं आज आधिकारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अपना अभियान शुरू कर रहा हूं। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे। प्रियंका गांधी वाड्रा भी इसके लिए तैयार नहीं थीं। इसके चलते पार्टी के सहयोगियों ने मुझे चुनाव लड़ने के लिए कहा।
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हमेशा अपनी विचारधारा और नैतिकता के लिए संघर्ष किया
मल्लिकार्जुन ने कहा, "महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत कर रहा हूं। मैंने हमेशा अपनी विचारधारा और नैतिकता के लिए संघर्ष किया है। मेरा बचपन संघर्षों से भरा रहा है। मैं कई सालों तक नेता प्रतिपक्ष, मंत्री और विधायक रहा हूं। मैं अब फिर से लड़ना चाहता हूं और उसी नैतिकता और विचारधारा को आगे बढ़ाना चाहता हूं। मैं चुनाव कांग्रेस की विचारधारा और बाबा साहब के संवैधानिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए लड़ रहा हूं। मैं केवल एक दलित नेता के रूप में चुनाव नहीं लड़ रहा हूं। मैं एक कांग्रेस नेता के रूप में चुनाव लड़ रहा हूं।"
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