राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सत्र में पास हुए 25 बिल, 10 दिन में ही खत्म हुआ मानसून सत्र

Published : Sep 23, 2020, 09:38 AM ISTUpdated : Sep 23, 2020, 03:08 PM IST
राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सत्र में पास हुए 25 बिल, 10 दिन में ही खत्म हुआ मानसून सत्र

सार

मानसून सत्र का आज दसवां दिन है। कृषि बिल पास होने के बाद विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है। ऐसे में राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। सभापति वैंकेया नायडू ने इसकी घोषणा की। कोरोना वायरस के बढ़ते मामले के कारण समय से पहले मानसून सत्र को भी खत्म किया गया।

नई दिल्ली. मानसून सत्र का आज दसवां दिन है। कृषि बिल पास होने के बाद विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है। ऐसे में राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। सभापति वैंकेया नायडू ने इसकी घोषणा की। कोरोना वायरस के बढ़ते मामले के कारण समय से पहले मानसून सत्र को भी खत्म किया गया। 1 अक्टूबर तक चलने वाले इस सत्र को 8 दिन पहले ही खत्म करने का फैसला लिया गया। राज्यसभा में इस बार 25 बिल पास हुए। इसमें कृषि से संबंधित तीन और श्रम सुधार से जुड़े तीन बिल शामिल हैं। 

जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक, 2020 राज्यसभा से पास

जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक, 2020 राज्यसभा से पास हो गया है। बिल लोकसभा से मंगलवार को पास हुआ था।

जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक राज्यसभा में किया गया पेश

राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर राजभाषा विधेयक, 2020 को पेश कर दिया गया है। सदन में बिल पर चर्चा हो रही है। बिल लोकसभा से पास हो चुका है।

श्रम सुधार से जुड़े तीनों विधेयक राज्यसभा से भी पास

मजदूरों और कामगारों से जुड़े तीन बिल उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 और सामाजिक  सुरक्षा संहिता, 2020 राज्यसभा में पास कर दिए गए हैं। तीनों ही बिल लोकसभा से पहले ही पारित हो चुके हैं। राज्यसभा में तीनों बिल ध्वनि मत से पास हुए हैं। वहीं, बिल के पास होने के बाद संसद के बाहर सभी विपक्षी पार्टियां प्रदर्शन कर रही हैं। इस दौरान सभी के हाथ में किसान बचाओ के प्लेकार्ड भी हैं। प्रदर्शन में कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन समेत विपक्ष के कई नेता मौजूद हैं। संसद परिसर में विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने गांधी मूर्ति से लेकर अंबेडकर मूर्ति तक मार्च भी निकाला। विपक्ष कृषि बिल के अलावा श्रम सुधार से जुड़े तीन विधेयकों का भी विरोध कर रहा है।

श्रम मंत्री ने क्या कहा

श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि कांग्रेस सदन से गैर हाजिर है, ये कोई नई बात नहीं है। कांग्रेस ने कभी मजदूरों की चिंता नहीं की। उन्‍होंने बताया कि 2019 में पेश किए गए विधेयकों को श्रम संबंधी स्थायी समिति को भेजा गया था। इसके बाद समिति ने 233 सिफारिशों के साथ रिपोर्ट सौंपी है। इनमें से 174 सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया है।

 

मंत्री ने गिनाए बिल के फायदे

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सदन में कहा कि मजदूर 72 साल से न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे। मोदी सरकार ने उन्हें न्याय देने का फैसला लिया है। प्रकाश जावड़ेकर ने बिल के फायदे गिनाए। उन्होंने कहा कि 'सभी मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी मिलेगी, समय पर वेतन मिलेगा, पुरुष और महिला मजदूरों को समान वेतन मिलेगा, नियुक्ति पत्र मिलेगा। सभी मजदूरों का मुफ्त चेकअप किया जाएगा। नौकरी जाने पर तीन महीने तक आधी सैलरी मिलेगी। प्रवासी मजदूर को हर साल एक बार घर जाने के लिए प्रवास भत्ता मिलेगा, मालिक को ये देना होगा। प्रवासी मजदूर जहां काम करेगा वहां उसे राशन मिलेगा। महिला मजदूर को रात में काम करने की इजाजत मिलेगी, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी रोजगार देने वाले की होगी। 

मजदूरों और कामगारों से जुड़े तीन विधेयक राज्यसभा में पेश

मजदूरों और कामगारों से जुड़े तीन बिल उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता, 2020, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 और सामाजिक  सुरक्षा संहिता, 2020 राज्यसभा में पेश किए जा चुके हैं। तीनों ही बिल मंगलवार को लोकसभा में पास किए गए थे। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने श्रम संहिता से जुड़े तीन विधेयकों को राज्यसभा में पेश किया। उन्होंने कहा कि '44 श्रम कानूनों में से 17 को पहले ही निरस्त कर दिया गया है। स्टैंडिंग कमेटी द्वारा की गई 233 सिफारिश के बाद यह बिल पेश किया गया। इन बिलों में 74% सिफारिश शामिल की गई है।

अर्हित वित्तीय संविदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक राज्यसभा में पेश

अर्हित वित्तीय संविदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक, 2020 को राज्यसभा में पेश किया गया है। बिल लोकसभा से पारित भी हो चुका है। इस विधेयक के माध्यम से देश के वित्तीय बाजार में अर्हित यानी पात्र वित्तीय संविदाओं की द्विपक्षीय नेटिंग की प्रवर्तनीयता का उपबंध करके वित्तीय स्थायित्व सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2020 (FCRA) को राज्यसभा में पेश किया गया है। ये बिल लोकसभा से पहले ही पास हो चुका है।

राष्ट्रपति कोविंद से मिलेंगे विपक्षी दलों के सांसद

विपक्ष दलों के सांसद आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे। ये मुलाकात शाम 5 बजे होगी। राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने वाले विपक्षी दलों ने आज संसद में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के कार्यालय में एक बैठक बुलाई है। विदेशी अभिदाय (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2020 (FCRA) राज्यसभा से पास हो गया है। ये बिल लोकसभा से पहले ही पास हो चुका है।

लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष का किया धन्यवाद

मंगलवार को विपक्ष के नेताओं से हुई मुलाकात के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में सहयोग के लिए विपक्षी सांसदों का धन्यवाद किया। उन्होंने विपक्ष से आगे भी सकारात्मक सहयोग बनाए रखने की अपील की। बैठक में विपक्षी नेताओं ने कहा कि 'हमारी नाराजगी लोकसभा स्पीकर से नहीं है। अधीर रंजन चाौधरी, कल्याण बनर्जी, टीआर बालू, सुप्रिया सूले, गौरव गोगोई, के सुरेश, सौगत राय, विजय कुमार हंसदा बैठक में मौजूद थे।'

स्पीकर की विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक

मंगलवार को विपक्ष के वॉकआउट के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी नेताओं को अपने चैंबर में चाय पर बुलाया। ओम बिरला के चैंबर में सभी बड़े विपक्षी नेता मौजूद रहे। अधीर रंजन चौधरी, कल्याण बनर्जी, टीआर बालू, सुप्रिया सूले, गौरव गोगोई, के सुरेश, सौगत राय, विजय कुमार हंसदा बैठक में मौजूद थे। 

ओम बिरला ने बैठक में कहा कि 'सदन के बाहर नहीं, भीतर रहना अधिक सार्थक है। सदन में सहयोग के लिए ओम बिरला ने विपक्ष का धन्यवाद किया।  विपक्ष से आगे भी सकारात्मक सहयोग बनाए रखने की अपील की। बैठक में विपक्षी नेताओं ने कहा कि 'हमारी नाराजगी लोकसभा स्पीकर से नहीं है। विपक्षी नेताओं ने स्पीकर के साथ बैठक में ये भी कहा कि राज्यसभा में जो हुआ उसके कारण लोकसभा से वॉकआउट किया।'

राज्यसभा से निलंबित 8 सांसदों के मुद्दे पर विपक्ष एकजुट है। विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। कांग्रेस ने नेतृत्व में विपक्ष ने कल राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही का बहिष्कार किया। विपक्षी सांसद सदन से वॉकआउट कर गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देर शाम विपक्षी दलों के सांसदों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सदन से बाहर नहीं, भीतर रहना अधिक सार्थक है। विपक्षी नेताओं ने स्पीकर के साथ बैठक में कहा कि राज्यसभा में जो हुआ उसके कारण उन्होंने लोकसभा से वॉकआउट किया।

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