
भुवनेश्वर। गैंगरेप मामले का एक आरोपी पुलिस से बचने के लिए छत्तीसगढ़ से भागकर ओडिशा पहुंच गया। वह गिरफ्तारी से बच गया, लेकिन मौत से नहीं। मौत मानों उसका पीछा कर रही थी। वह झारसुगुडा के एक खेत में मरा मिला। स्थानीय लोगों को जब पता चला कि वह गैंगरेप का आरोपी है तो कहा कि ऊपर वाले ने ये सजा दी है।
पुलिस ने गुरुवार को बताया कि मृतक की पहचान 18 साल के संजय यादव के रूप में हुई है। वह छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दर्ज हुए एक केस में आरोपी था। 19 अगस्त को रायगढ़ के पुसौर थाना क्षेत्र में 27 साल की आदिवासी महिला के साथ हुए गैंगरेप के मामले में वांछित आठ लोगों में से एक था। संजय को छोड़कर बाकी सभी 7 आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। एक आरोपी नाबालिग था। पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने 6 को न्यायिक हिरासत में और एक को किशोर गृह भेज दिया।
महिला रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने के बाद स्थानीय मेले में जा रही थी। इसी दौरान आरोपियों ने उसपर हमला किया था। पुलिस से बचने के लिए संजय भाग निकला था। वह ओडिशा के झारसुगुडा जिले में पहुंच गया।
किसान ने जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए बिछाया था बिजली का तार
बुधवार की रात ओडिशा पुलिस को पता चला कि झारसुगुड़ा में बिजली के तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। संजय झारसुगुड़ा जिले के सरायपाली गांव में अपने रिश्तेदार के घर में छिपा हुआ था। रात को वह बाहर निकला था। इसी दौरान गलती से खेत में बिछाए गए बिजली के तार पर चढ़ गया। करंट लगने से उसकी मौत हो गई। किसान ने बिजली का तार अपनी फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए बिछाया था। सीएसपी शुक्ला ने बताया कि झारसुगुड़ा पुलिस ने आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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