23 दिन में निर्मला सीतारमण की आर्थिक मंदी को लेकर चौथी बड़ी पीसी, ये बड़ी बातें धीमी अर्थव्यवस्था में फूंकेंगी जान

Published : Sep 14, 2019, 03:18 PM ISTUpdated : Sep 14, 2019, 04:05 PM IST
23 दिन में निर्मला सीतारमण की आर्थिक मंदी को लेकर चौथी बड़ी पीसी, ये बड़ी बातें धीमी अर्थव्यवस्था में फूंकेंगी जान

सार

निर्मला सीतारमण ने बताया कि मुद्रास्फिति में काफी कमी आई है, जो कि बहुत बड़ी उपलब्धि है।   

नई दिल्ली. देश भर में चल रही आर्थिक मंदी को लेकर चारो तरफ से मोदी सरकार आलोचना झेल रही है। ऐसे में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को दिल्‍ली के नेशनल मीडिया सेंटर में चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ये उनकी 23 दिन में चौथी पीसी है। इस दौरान उन्होंने अर्थव्यवस्था में रफ्तार लाने के लिए अहम फैसलों के बारे में बात की। निर्मला ने बताया कि मुद्रास्फिति में काफी कमी आई है, जो कि बहुत बड़ी उपलब्धि है।   

ये हैं 20 बड़ी बातें

1. महंगाई की दर चार फीसदी से नीचे है। 
2. विदेशी निवेश में हुई बढ़ोत्तरी। 
3. विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा। 
4. बैंकों ने ब्याज दरों में कमी की है।  
5. घर खरीदार और टैक्स रिफॉर्म्स पर फोकस
6. आयकर में फेसलेस असेसमेंट शुरू होगा, इसके लिए नोटिफिकेशन जारी। 
7. डीआईएन का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। 
8. औद्योगिक उत्पादन में हो रही है बढ़ोतरी। 
9. छोटे करदाताओं पर नहीं होगी आयकर में किसी ऋुटि पर कार्रवाई। 
10. 25 लाख रुपये से नीचे के टैक्स विवाद पर कॉलोजेयिम की लेनी होगी मंजूरी।
11. चालू खाता घाटा नियंत्रण में। 
12. कंपाउंडिंग के लिए 31 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन। 
13. निर्यात बढ़ाने के लिए नीति में किया बदलाव
14. टैक्सटाइल इंडस्ट्री में MEIS 31 दिसंबर से होगा खत्म, नई पॉलिसी एक जनवरी 2020 से होगी लागू।  
15. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में हुई है बढ़ोतरी
16. इनपुट टैक्स क्रेडिट में मिलेगा पूरी तरह से इलेक्ट्रोनिक तरीके से रिफंड
17. निर्यात पर मिलेगा क्रेडिट पर बीमा
18. निर्यात बढ़ाने के लिए सरकार ने उठाए कई कदम
19. देश में लगेंगे मेगा शॉपिंग फेस्टिवल20. हैंडिक्राफ्ट का निर्यात बढ़ाने के लिए ई-कॉमर्स पोर्टल के जरिए बेचने की मंजूरी
21. मेगा शॉपिंग फेस्टिवल का पूरे देश के चार जगहों पर आयोजन किया जाएगा। 
22. यह आयोजन मार्च 2020 से शुरू होगा।
23. जेम्स ऐंड जूलरी, योगा एवं टूरिजम, टेक्सटाइल एवं लेदर क्षेत्र में ये आयोजन किया जायेगा।  
24. अफोर्डेबल हाउंसिंग को बढ़ावा देने के लिए मिलेगी 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट। 
25. 45 लाख तक के घर खरीदने पर छूट, मार्च 2020 तक रहेगी लागू। 
26. रियल एस्टेट कंपनियों को कुछ शर्तों के साथ मिलेगा 10 हजार करोड़ रुपये तक की मदद
27. यह मदद ऐसी कंपनियों को मिलेगी, जिनक मामला किसी कोर्ट में या फिर एनपीए में नहीं गया है। 
28. फंसे प्रोजेक्ट को पूरा करने में मिलेगी मदद
29. सरकारी कर्मचारियों को घर खरीदने के लिए दिया जाएगा बढ़ावा
30. MEIS की जगह अब RoDTEP लागू होगा।
31. टेक्सटाइल में MEIS इस साल के आखिर तक लागू रहेगा। नए RoDTEP से 50 हजार करोड़ का फायदा होगा। 
32. पुराना आरओएसएल दिसंबर 2019 तक जारी रहेगा।

23 अगस्त को थी पहली पीसी 

वित्त मंत्री ने 23 अगस्त को पहली बार प्रेस कांफ्रेस की थी। 5 जुलाई को बजट पेश करने के बाद शेयर बाजार लगातार गिरावट पर बंद हो रहा था। इस दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सभी टैक्स असेसमेंट का काम तीन महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। स्टार्टअप रजिस्टर्ड कराने के दौरान इनकम टैक्स का सेक्शन 56 2(b) लागू नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए एंजेल टैक्स खत्म कर दिया था। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने बैंकिंग सेक्टर के लिए राहत का एलान करते हुए वित्त मंत्री ने बैंकों के लिए 70,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। 

30 अगस्त को दूसरी पीसी 

वित्त मंत्री ने दूसरी प्रेस कांफ्रेस 30 अगस्त को आयोजित की थी। इस पीसी में उन्होंने बड़ा एलान करते हुए देश के 18 बैंकों में से छह सरकारी बैंकों को विलय कर दिया। इनमें पंजाब नेशनल बैंक में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का विलय किया गया। ये दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा, जो पीएनबी से 1.5 गुना बड़ा होगा। वहीं, केनरा बैंक का विलय सिंडिकेट बैंक में किया गया, जो देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक होगा। जबकि इलाहाबाद बैंक का विलय इंडियन बैंक में किया गया था। इसके अलावा यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय होगा, जो देश का पांचवां सबसे बड़ा सरकारी बैंक बनेगा।

तीसरी प्रेस कांफ्रेस, जिसमें होना पड़ा ट्रोल

वित्त मंत्री ने तीसरी प्रेस कांफ्रेस 10 सितंबर को चेन्नई में आयोजित की थी। इस पीसी में मोदी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया था। हालांकि इस प्रेस कांफ्रेस में वित्त मंत्री ने ऑटो सेक्टर में छाई मंदी के लिए शहरी क्षेत्रों में ओला-उबर को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, इस बयान का सोशल मीडिया पर काफी मजाक बना था और इसको लेकर के लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया था।

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