
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitaraman) ने मंगलवार को संसद (Parliament Winter Session) में बताया कि पिछले साल दिसंबर तक देश की विभिन्न बैंकों (SCB) में निष्क्रिय खातों की संख्या 8,13,34,849 थी। ऐसे खातों में कुल 24,356 करोड़ रुपए जमा थे। वित्त मंत्री ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
सीतारमण ने बताया कि बैंककारी विनियमन कानून, 1949 में यह प्रावधान किया गया है कि हर बैंकिंग कंपनी हर कैलेंडर वर्ष के आखिर में 30 दिनों के अंदर ऐसे खाते, जो 10 साल से ऑपरेटर नहीं किए गए हैं, उनकी जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को देगी। आरबीआई से मिली जानकारी के अनुसार 31 दिसंबर 2020 की स्थिति के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) में ऐसे खातों की कुल संख्या 8,13,34,849 थी। ऐसे खातों में कुल जमा राशि 24,356 करोड़ रुपए थी। वित्त मंत्री ने बताया कि इसी प्रकार, शहरी सहकारी बैंकों में 31 दिसंबर 2020 तक 10 साल से अधिक समय से ऑपरेट नहीं किए गए खातों की संख्या 77,03,819 थी और उन खातों में जमा रकम 2,341 करोड़ रुपए थी। उन्होंने बताया कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) से मिली जानकारी के अनुसार 31 मार्च 2021 तक जीवन बीमा कंपनियों में 22,043.26 करोड़ रुपए जमा थे, जिन पर किसी ने दावा नहीं किया है।
वैक्सीन की 48.70 प्रतिशत डोज महिलाओं को लगाई गईं
8 दिसंबर 2021 तक कोविड वैक्सीन (Covid 19 Vaccine) की 48.70 प्रतिशत डोज महिलाओं को लगाई गई हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा में बताया कि देश की जनसंख्या में महिलाओं का अनुमानित अनुपात 48 प्रतिशत ही है। कोविड-19 वैक्सीनेशन की शुरुआत में, गर्भावस्था और स्तनपान को टीकाकरण के लिए ठीक नहीं माना गया था। लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों और विशेषज्ञों की सिफारिशों के बाद मंत्रालय ने स्तनपान कराने वाली महिलाओं के वैक्सीनेशन को 19 मई और गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण को दो जुलाई, 2021 को मंजूरी दी थी। एक दिसंबर तक देश में कोविड-19 टीकों की कुल 124.11 करोड़ खुराक दी गई थी। कुल 78.9 करोड़ लोगों को कम से कम एक डोज मिली है और 45.2 करोड़ ने टीकों की दोनों डोज ली हैं। पूरी तरह से टीकाकरण कराने वाले लोगों में लगभग 7.94 करोड़ लोग 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के हैं। 12.1 करोड़ लोग 45 से 59 वर्ष की आयु के और 22.56 करोड़ लोग 18 से 44 वर्ष की आयु के हैं।
मुंबई सेंट्रल रेलवे टर्मिनस का नाम ‘नाना शंकर शेट टर्मिनस' करने का प्रस्ताव
महाराष्ट्र सरकार ने पश्चिम रेलवे के अंतर्गत मुंबई सेंट्रल रेलवे टर्मिनस का नाम बदल कर नाना शंकर शेट टर्मिनस करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। राय ने बताया कि 21 अक्टूबर 2021 को मुंबई सेंट्रल रेलवे टर्मिनस का नाम बदल कर नाना शंकर शेट टर्मिनस करने के लिए महाराष्ट्र सरकार की सिफारिश के साथ एक प्रस्ताव गृह मंत्रालय को मिला है। ऐसे मामलों में विभिन्न सरकारी एजेंसियों की सिफारिशों एवं अन्य संबंधित घटकों पर यथोचित विचार करने के बाद निर्णय लिया जाता है।
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