29 साल में घाटी में 41 हजार लोगों की जान गई लेकिन 5 अगस्त के बाद नहीं चली एक भी गोली: SC में केंद्र

Published : Sep 16, 2019, 01:08 PM ISTUpdated : Sep 16, 2019, 01:44 PM IST
29 साल में घाटी में 41 हजार लोगों की जान गई लेकिन 5 अगस्त के बाद नहीं चली एक भी गोली: SC में केंद्र

सार

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले से जुड़ीं याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि 5 अगस्त के बाद जम्मू कश्मीर में एक भी गोली नही चली है, एक भी शख्स की जान नहीं गई है। 

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले से जुड़ीं याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि 5 अगस्त को धारा 370 हटने के बाद से जम्मू कश्मीर में एक भी गोली नही चली है, एक भी शख्स की जान नहीं गई है। जबकि इससे पहले 1990 से लेकर 5 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर में 71038 हिंसक घटनाएं हुईं। इनमें 41866 लोगों की जान गई। इसके अलावा सुरक्षाबलों के 15292 जवानों को भी जान गंवानी पड़ी। 

इससे पहले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा कि कश्मीर में क्या हो रहा है? साथ ही कोर्ट ने वहां की स्थिति को लेकर 2 हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा है। बेंच में जस्टिस एस. ए. बोबडे और जस्टिस एस. ए. नजीर भी शामिल हैं।

गुलाम नबी आजाद को जम्मू-कश्मीर जाने की अनुमति मिली
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने जम्मू-कश्मीर जाने की अनुमति मांगी थी। आजाद के वकील ने कहा था कि हमें श्रीनगर, अनंतनाग और बारामूला जाना है अपने लोगो से मिलना है। सुप्रीम कोर्ट ने गुलाम नबी आजाद को वहां जाने की अनुमति दे दी है, जिससे वे अपने क्षेत्र के लोगों से मिल सकें। हालांकि, आजाद ने कहा कि वे वहां राजनीतिक रैली नही करेंगे और न ही कोई भाषण देंगे।

'स्थिति सामान्य करने के लिए हरसंभव प्रयास करे सरकार'
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह जम्मू कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए हरसंभव प्रयास करे, इस बात को भी ध्यान में रखने की जरूरत है कि यह बहुत संवेदनशील मामला है।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आरोप हैं कि जम्मू-कश्मीर में लोगों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस पर केंद्र की ओर से पेश अर्टानी जनरल ने कहा कि 5 अगस्त से 15 सितंबर तक 10.52  लाख लोगों ने OPD सुविधा ली है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से तमाम पाबंदियां हटा ली गईं हैं। 

'घाटी में मीडिया सही काम नहीं कर पा रही'
कश्मीर टाइम्स की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कश्मीर में इंटरनेट सेवा बन्द है, मीडिया सही काम नही कर पा रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अर्टानी जनरल से पूछा- क्या ऐसा है? इस पर अर्टानी जनरल ने कहा कि कश्मीर में न्यूज पेपर 5 अगस्त से पब्लिश हो रहा है, दूरदर्शन और कई लोकल टीवी चैनल टेलीकास्ट हो रहे है, इसके अलावा कई रेडियो भी ब्रॉडकास्ट हो रहे है, मीडिया कर्मियों को सारी सुविधाएं दी जा रही हैं। उनको इंटरनेट और टेलीफोन की सुविधा मुहैया कराई जा रही हैं। नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हो रही है।

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