
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (Indian Space Research Organisation) ने बुधवार की शाम 6:04 बजे वह कारनामा कर दिखाया जो दुनिया की कोई भी स्पेस एजेंसी अभी तक नहीं कर पाई है।
इसरो द्वारा भेजे गए चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की। इस क्षेत्र में कोई भी देश नहीं पहुंचा है। इसके साथ ही चंद्रमा पर पहुंचने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है। अमेरिका, सोवियत रूस और चीन पहले चंद्रमा पर पहुंचे हैं।
इस कामयाबी के साथ ही इसरो के उन दिनों को भी याद किया जा रहा है जब वैज्ञानिक रॉकेट के पुर्जे साइकिल पर ले जाते थे। चंद्रयान-3 की लैंडिंग के साथ ही इसरो के वैज्ञानिकों के साइकिल पर रॉकेट के पुर्जे ले जाने का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। लोग इसे साइकिल से चांद तक का सफर बताकर शेयर कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे फोटो में दिख रहा है कि तिरुवनंतपुरम के थुम्बा इक्वेटोरियल रॉकेट लॉन्चिंग स्टेशन पर इसरो के दो वैज्ञानिक रॉकेट के नोज कोन को साइकिल के कैरियर पर लादकर ले जा रहे हैं।
बता दें कि चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने बुधवार शाम 6:04 चांद पर लैंडिंग की थी। इसके बाद लैंडर में मौजूद प्रज्ञान रोवर बाहर आया। यह चांद की सतह पर चलकर खोजबीन कर रहा है।
एस सोमनाथ बोले- आने वाले 14 रोमांचक दिनों का इंतजार कर रहा हूं
चंद्रयान-3 की लैंडिंग के बाद इसरो ने ट्वीट किया, “चंद्रयान-3 मिशन: 'भारत, मैं अपनी मंजिल तक पहुंच गया और आप भी!" इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-3 का प्रज्ञान रोवर विक्रम लैंडर से बाहर आ गया है। यह खोजबीन कर रहा है। आने वाले 14 रोमांचक दिनों का इंतजार कर रहा हूं। यह स्वर्ण युग की शुरुआत है।
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