
नेशनल डेस्क। पुणे पोर्श कार दुर्घटना मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अपराध में सबूतों को मिटाने, हेराफेरी करने समेत कई सारे मामले जुड़ गए हैं। ऐसे में पुलिस की टीम ने भी इस मामले में जांच के लिए कुल 12 टीमें लगा रखी हैं जो हर एंगल पर इनवेस्टीगेशन कर रही है। पुलिस 100 स्टाफ वाली एक दर्जन से अधिक टीम बनाई हैं। घटना में कथित तौर पर एक नाबालिग चालक शामिल है।
19 मई को कल्याणी नगर इलाके में कथित तौर पर एक नाबालिग लड़के ने अपने तेज रफ्तार कार से बाइकसवार दो लड़कों को कुचल दिया था। दोनों युवक आईटी प्रोफेशनल्स थे। इसके बाद पुलिस इस केस में तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
तीन मामले में दर्ज हुई एफआईआर
इस केस में दुर्घटना के पुलिस ने किशोर को हिरासत में ले लिया था। इस केस में तीन मामले में एफआईआऱ दर्ज की गई है। पहली एफआईआर दुर्घटना को लेकर दर्ज की गई है। दूसरे एफआईआर उस बार मालिक के खिलाफ की गई जहां नाबालिग को शराब परोसी गई थी। पुलिस ने नाबालिग को बिना लाइसेंस के कार चलाने देने पर बिल्डर पिता के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। तीसरे मामले में बेटे को बचाने के लिए गलत तरीके से चालक को बंधक बनाकर हादसे का दोष उसे कबूल करने का दबाव बनाने के मामले में भी मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस की 12 टीमें कर रहीं जांच
पुणे पोर्श मामले में अब तक आरोपी के दादा, बिल्डर पिता को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच को लेकर कई सारे मामले सामने आ चुके हैं। हादसे के बाद नाबालिग बेटे को बचाने के लिए आरोपी के दादा और पिता ने ड्राइवर को कैद कर जबरन उसे अपराध कबूल करने का दबाव बनाने के लिए और मां को नाबालिग का ब्लड सैंपल बदलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 100 पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीम विभिन्न एंगल पर केस की इनवेस्टीगेशन कर रही है।
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