
नई दिल्ली. लॉकडाउन के चलते दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों के लिए रेलवे राज्य सरकारों की मांग पर स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। अब रेल मंत्रालय ने 'श्रमिक ट्रेनों' के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, रेलवे यात्रियों के लिए सिर्फ कुछ खास डेस्टिनेशन्स के लिए ही टिकट प्रिंट करेगा। इसके अलावा स्थानीय राज्य सरकार अथॉरिटी यात्रियों को टिकट बांटेगी और उनसे किराया लेकर, सारा किराया रेलवे को सौंपेगी।
रेलवे ने अपने निर्देशों में कहा है कि स्पेशल ट्रेनें दोनों राज्यों की सहमति के बाद पॉइंट टू पॉइंट चलेगी। रेलवे और राज्य सरकारों को नोडल अफसर तैनात करेंगे।
भेजने वाले राज्यों की मांग से चलेगी ट्रेन
इसके अलावा रेलवे ने यह भी साफ कर दिया कि स्पेशल ट्रेन की मांग के लिए फंसे हुए लोगों को भेजने वाले राज्य को रेलवे के नोडल अफसरों से संपर्क करना होगा और अपनी जरूरत को बताना होगा। इसी के मुताबिक, रेलवे ट्रेन चलाएगा।
एक बार में बैठ सकेंगे 1200 यात्री
रेलवे के मुताबिक, स्पेशल श्रमिक ट्रेन सिर्फ एक डेस्टिनेशन से दूसरे पर रूकेगी। यह ट्रेनें 500 किमी से ज्यादा दूरी वाले स्थानों के लिए चलाई जाएंगी। ये बीच में किसी भी स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। ट्रेनों में अधिकतम 1200 लोग ही एक बार में जा सकेंगे। वहीं, कुल 1200 लोगों में 90% कम यात्री नहीं होने चाहिए।
12 घंटे से ज्यादा यात्रा करने पर एक बार खाना उपलब्ध कराएगी रेलवे
इसके अलावा रेलवे ने कहा, यात्रियों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था भेजने वाले राज्यों द्वारा की जाएगी। जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं होंगे, केवल उन्हें ही भेजा जाएगा। भेजने वाले राज्य को बसों द्वारा यात्रियों को स्टेशन तक भेजा जाएगा। इस दौरान बसों को सैनिटाइज किया जाएगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। इसके अलावा ट्रेन पहुंचने पर भी राज्य के द्वारा स्क्रीनिंग और क्वारंटाइन की व्यवस्था कराई जाएगी। जो ट्रेनें 12 घंटे से ज्यादा यात्रा करेंगी, उनमें यात्रियों को रेलवे की ओर से एक बार खाने की व्यवस्था कराई जाएगी।
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