
Hardeep Nijjar Murder. खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए सीक्रेट मेमो भेजने के आरोपों को भारत ने खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागच ने कहा कि यह भारत के खिलाफ दुष्प्रचार का पाकिस्तानी हथकंडा है। जानकारी के लिए बता दें कि भारत पर आरोप लगा है कि हरदीप सिंह निज्जर सहित दूसरे अलगाववादी समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नई दिल्ली ने नॉर्थ अमेरिका में दूतावासों को सीक्रेट मेमो भेजा था।
विदेश मंत्रालय ने बताया फर्जी
खालिस्तानी अलगाववादियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भारत द्वारा सीक्रेट मेमो जारी करने के आरोपों को विदेश मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साफ कहा कि ऐसे आरोप न सिर्फ मनगढ़ंत हैं बल्कि फर्जी भी हैं। यह पाकिस्तान द्वारा किया जा रहा दुष्प्रचार है। बागची ने कहा कि जिस संस्थान ने यह रिपोर्ट जारी की है, वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की तरफ से फैलाए जाने वाले फर्जी नैरेटिव का प्रचार करता है। ऐसे आरोपों को फर्जी ही कहा जा सकता है।
भारत पर किसने लगाए हैं यह आरोप
जानकारी के लिए बता दें कि यह रिपोर्ट अमेरिका की ऑनलाइन मीडिया द इंटरसेप्ट ने जारी किया है। बीते सितंबर में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भी निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंटो का हाथ होने की बात कही थी, जिसके बाद भारत और कनाडा के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे। अभी तक भारत-कनाडा के संबंधों में वह गर्मजोशी नहीं आ पाई है।
कब और कैसे हुई थी निज्जर की हत्या
खालिस्तानी अलगाववादी नेता की हत्या जून 2023 में कनाडा में एक गुरूद्वारे के बाहर कर दीी गई थी। तब अज्ञात हमलावरों ने निज्जर को गोली मार दी थी। निज्जर भारत के मोस्ट वांटेड क्रिमिनल्स में शामिल था और उस पर नगद ईनाम भी घोषित किया गया था। हरदीप सिंह निज्जर मूलरूप से पंजाब जालंधर के भारसिंह पुर गांव का रहने वाला था और कनाडा में बस गया था।
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