
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस(TMC) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के लापता होने संबंधी पोस्टर चिपकाने का मामला सामने आया है। पोस्टर पर निवेदकों के तौर पर 'आसनसोल की बिहारी जनता' लिखा हुआ है। पोस्टर सामने आने के बाद भाजपा और TMC में पॉलिटिकल वॉर शुरू हो गया है। भाजपा ने तंज कसा है। पढ़िए मामला क्या है?
पोस्टर पर लिखा गया
पोस्टर पर लिखा गया है-'माननीय सांसद शत्रुघ्न सिन्हा जी बिहारी बाबू के नाम से जाने जाते हैं, जो बिहारियों के महापर्व छठ पूजा में अपने लोकसभा क्षेत्र से गायब हैं।' भाजपा द्वारा इस मामले में तंज कसने पर तृणमूल के राज्य सचिव वी शिवदासन दासू ने सफाई दी कि सिन्हा छठ पूजा पर आसनसोल में ही रहेंगे। सिन्हा 29 अक्टूबर को आ रहे हैं। वे महीने में 2 बार आते हैं। दुर्गा पूजा पर भी यहीं थे। TMC प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि सांसद कार्यालय से आमजनों को सभी सेवाएं मिल रही हैं। यह पोस्टर गुरुवार(27 अक्टूबर) की सुबह सामने आया था। भाजपा नेता अमित गरई ने कहा कि बिहारी बाबू छठ पूजा पर अपने क्षेत्र में नहीं हैं।
2013 में भी लगे थे पोस्टर
यह पहला मौका नहीं है, जब शत्रुघ्न सिन्हा को कथिततौर पर लापता कहा जा रहा है, 2013 में बिहार के पटना साहिब में भी उनके पोस्टर लगाए गए थे। जून, 2013 में 17 साल के साल गठबंधन को तोड़कर नीतीश कुमार ने जब भाजपा को बिहार की सरकार से बेदखल कर दिया था, तब सिन्हा ने कुमार की तारीफ कर दी थी। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता उन पर भड़क उठे थे। हालांकि कहा यह गया था कि ये पोस्टर युवा कांग्रेस ने लगवाए थे।
सिन्हा यूं सुर्खियों में आए
बिहार की पॉलिटिक्स से बंगाल पहुंचे शत्रुघ्न सिन्हा ने अप्रैल में आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की उम्मीदवार अग्निमित्रा को 3 लाख से ज्यादा वोटों से हराकर अपनी लोकप्रियता का अहसास कराया था। बिहारी बाबू से फेमस सिन्हा की यह जीत उनके करियर में एक रिकॉर्ड है। बिहार में उन्होंने 2009 में RJD के विजय कुमार यादव को 1,66,700 वोट से हराया था। यहां तक टीवी कलाकार शेखर सुमन भी चुनाव लड़े थे। इससे पहले 2014 में भोजपुरी फिल्मों के अमिताभ बच्चन के नाम से चर्चित कांग्रेस नेता कुणाल सिंह को सिन्हा ने 2,65,805 वोट से हराया था। आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस के लिए सिन्हा संजीवनी बनकर सामने आए। 2019 में यहां से भाजपा की ओर से बाबुल सुप्रियो चुनाव जीते थे। हालांकि बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद वे आसनसोल लोकसभा से इस्तीफा देकर तृणमूल में शामिल हो गए थे। बाद में उन्होंने टीएमसी से बालीगंज से विधानसभा का उपचुनाव जीता।
बता दें कि सिन्हा 1991 में बीजेपी से जुड़े थे। तब उनकी काफी अहमियत रही। वे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। राज्यसभा सदस्य रहे, केन्द्रीय मंत्री भी बनाए गए। पटना साहिब से लोकसभा चुनाव जीते। लेकिन 2014 में जब उन्हें केन्द्र में मंत्री पद नहीं दिया, तो वे नाराज हो गए।
यह भी पढ़ें
किरन रिजिजू ने बताए जवाहरलाल नेहरु के 5 बड़े ब्लंडर, जिनका अंजाम आज भी भुगत रहा देश
नोट की राजनीति: भाजपा नेता राम कदम ने करेंसी पर PM मोदी, शिवाजी और सावरकर के फोटो छापने की रख दी डिमांड
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.