
आइजोल. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दक्षिण मिजोरम के हनथियाल जिले में पत्थर की खदान ढहने के मामले में स्वत: संज्ञान( suo-moto) लेते हुए मामला दर्ज किया है। इस मामले से संबंधित अधिकारियों को 28 नवंबर को उसके समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। एनजीटी द्वारा बुधवार(16 नवंबर) को जारी नोटिस के अनुसार, मिजोरम पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेट्री सहित सात अधिकारियों को दिल्ली में ट्रिब्यूनल्स के फरीदकोट हाउस कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत कुमार ने कहा कि घटना का स्वत: संज्ञान लेकर हनथियाल पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
एक अधिकारी ने गुरुवार(17 नवंबर) को बताया कि इस बीच दक्षिण मिजोरम के हनथियाल जिले में पत्थर की खदान ढहने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। हनथियाल के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) आर लालरेमसंगा ने कहा कि लुंगलेई जिले के निवासी 25 वर्षीय एक व्यक्ति का शव बुधवार शाम चल रहे तलाशी अभियान के दौरान मलबे के नीचे मिला। सोमवार(14 नवंबर) को हनथियाल कस्बे से करीब 23 किलोमीटर दूर मौदढ़ गांव में पत्थर की खदान धंसने से 12 लोगों के फंसे होने की पुष्टि हुई थी। लालरेमसंगा ने कहा कि लापता हुए 12 लोगों में से 11 लोगों के शव मिल चुके हैं।
हनथियाल जिला प्रशासन द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में से पांच पश्चिम बंगाल के हैं, झारखंड और पड़ोसी असम के दो-दो और त्रिपुरा और मिजोरम के एक-एक व्यक्ति हैं। डीसी ने कहा कि पीड़ितों के शव उनके गृह राज्य भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम लापता व्यक्ति का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जो असम का रहने वाला है। सब डिप्टी कमिश्नर लालरामदिंतलुआंगा ने स्पष्ट किया कि एक 49 वर्षीय पीड़ित, जिसे पहले उसके आधार कार्ड के आधार पर मिजोरम के लुंगलेई जिले का निवासी बताया गया था, त्रिपुरा के ब्रू राहत शिविर से था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जान गंवाने वालों में से प्रत्येक के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय और मिजोरम के भूविज्ञान और खनन विभाग के अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के लिए बुधवार को घटनास्थल का दौरा किया था।
जिला एसपी ने पहले कहा था कि एबीसीआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाली खदान में 13 लोग काम कर रहे थे, जब 14 नवंबर को दोपहर 2.40 बजे के आसपास साइट पर एक बड़े पैमाने पर स्लाइड गिर गई थी। उन्होंने कहा कि केवल एक मजदूर बाल-बाल बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि श्रमिकों ने बहुत गहरी खुदाई की थी। इससे पत्थर खदान का बैलेंस बिगड़ गया, जिसके परिणामस्वरूप वो ढह गई। लालरेमसंगा ने कहा कि पांच खुदाई करने वाले, एक स्टोन क्रशर और एक ड्रिलिंग मशीन भी पूरी तरह से मलबे में दब गए। भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र लगभग 5,000 वर्ग मीटर में फैला है।
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