
झुंझनू। तमिलनाडु (Tamil Nadu) के कुन्नूर (Coonoor) में बुधवार को हुए हेलिकॉप्टर हादसे (Helicopter Crash) में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat), उनकी पत्नी मधुलिका (Madhulika Rawat) समेत 13 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह (Group Captain Varun Singh) अकेले बचे हैं। वे बुरी तरह झुलस गए हैं और उनकी हालत गंभीर है। इस घटना से देशभर में शोक की लहर है। सीडीएस समेत जवानों को जानने वाले लोग बेहद स्तब्ध हैं और उन्हें याद कर रहे हैं। इस दुखद घटना में राजस्थान (Rajasthan) के झुंझनू (Jhunjhunu) के रहने वाले कुलदीप सिंह राव (Kuldeep Singh Rao) भी शहीद हो गए हैं। वे सेना में स्क्वाड्रन लीडर थे। उनके घर में दो दिन से गमगीन माहौल है। रिश्तेदार, परिजन और पहचान वालों की भीड़ लगी है। हर कोई इस परिवार को सांत्वनां देने पहुंच रहा है।
कुलदीप की मां कमला देवी की भी आंखें नम हैं, लेकिन उनकी आंखों में बेटे के लिए गर्व भी है। उन्होंने वंदे मातरम (Vande Mataram) के जोर-जोर से नारे लगाए और कहा- मेरा बेटा शहीद हो गया। यही मेरे बेटे की कमाई है। मेरा बेटा देश की सेवा करते हुए शहीद हुआ है। अब बहू को भी सेना में भेजूंगी। यही मेरा अगला मिशन होगा।
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बच्चों को सेना में जाने के लिए प्रेरित करते थे कुलदीप
शहीद कुलदीप के चचेरे भाई राजेंद्र राव भी नेवी में कार्यरत रहे हैं। वे अब रिटायर्ड हो गए हैं। राजेंद्र कहते हैं कि कुलदीप बचपन से ही पायलट बनना चाहता था। खिलौने का हवाई जहाज हाथ में लेकर घूमता था। कहता था कि एक दिन मैं पायलट जरूर बनूंगा। राजेंद्र ने बताया कि 7 महीने पहले कुलदीप परिवार में चाचा के लड़के की शादी में अपने गांव घरडाना खुर्द आए थे। अपने स्कूल भी गए थे। वहां बच्चों से मिलकर उन्हें सेना में जाने के लिए प्रेरित किया था। इस समय कुलदीप का परिवार जयपुर में रहता है। घटना की सूचना मिलने पर सभी लोग झुंझनू आ गए थे। परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। जो आज देर शाम तक पार्थिव देह के साथ गांव पहुंचेंगे। इसके बाद शुक्रवार को शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
गांव वाले बोले- घरों में चूल्हे तक नहीं जले
गांव के पूर्व सरपंच हरपाल सिंह ने बताया कि कुलदीप पर पूरे गांव को गर्व है। हमारा पूरा गांव उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी में लगा है। गांव के लाडले को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। हरपाल ने बताया कि कुलदीप के शहीद होने की सूचना मिलने से पूरे गांव में शोक का माहौल हो गया। रात में पूरे गांव में चूल्हे नहीं जले। पूरा गांव इस घड़ी में शहीद के परिवार के साथ है। कुलदीप के घर में मां कमला देवी, पत्नी यशवनी ढाका, बहन अभीता, पिता रणधीर सिंह राव हैं। कुलदीप ने दो साल पहले मेरठ की यशवनी से शादी की थी।
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