
मौसम डेस्क.मानसून पूर्व गतिविधियां अपना असर दिखाने लगी हैं। कई राज्यों में आंधी-बारिश से टेम्परेचर नीच आ गया है। दिल्ली में सोमवार रात आई आंधी-बारिश से कई हिस्सों में बिजली के खंभे, तार और अन्य बिजली के उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगह पेड़ उखड़ जाने से ट्रैफिक जाम हो गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) का पूर्वानुमान है कि दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां अनुकूल हैं। अगले 2-3 दिनों में मानसून अरब सागर के मध्य, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के और अधिक हिस्सों तक पहुंच जाएगा। मानसूनी पश्चिमी हवाओं के कारण दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के हिस्सों में आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। (फोटो-पर्यावरणविद और भाजपा सांसद मेनका गांधी सोमवार को नई दिल्ली में अपने आवास के पास, बारिश के साथ आंधी के बाद पेड़ की शाखाओं से भरी सड़क को साफ करने में कार्यकर्ताओं की मदद करती दिखीं)
इन राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान
अगले 24 घंटों के दौरान लक्षद्वीप, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक स्थानों पर भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। बाकी पूर्वोत्तर भारत, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, तटीय कर्नाटक, उत्तर पूर्वी बिहार और पश्चिमी हिमालय में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा और कोकण और गोवा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान है।
इन राज्यों में हुई बारिश
अगर पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम गतिविधियों की बात करें तो, लक्षद्वीप केरल, झारखंड और पूर्वोत्तर बिहार में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तेलंगाना, उत्तर तटीय ओडिशा और उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। आंतरिक ओडिशा, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, पूर्वी एमपी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली एनसीआर, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा और असम के अलग-अलग हिस्सों में हल्की छिटपुट बारिश होती रही।
मौसम में बदलाव की ये हैं प्रमुख वजहें
स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण पूर्व अरब सागर और केरल के आसपास के हिस्सों पर सक्रिय बना हुआ है। यह औसत समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ(western disturbance) उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे जम्मू-कश्मीर पर एक्टिव है। भारतीय मौसम विभाग(India Meteorological Department) के अनुसार, एक पूर्व पश्चिम ट्रफ रेखा उत्तर पश्चिमी राजस्थान से लेकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल से गुजरते हुए आसाम तक फैली हुई है।
जानिए किस तारीफ को किन राज्यों में पहुंचेगा मानसून
तारीख राज्य
01 जून-लक्षद्वीप, पुडुचेरी, तमिलनाडु
03 जून-कर्नाटक, असम, मेघालय
04-07 जून-महाराष्ट्र, तेलंगाना, सिक्किम
08-15 जून-छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड
16-20 जून-पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड
21-25 जून-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर
26-30 जून-पंजाब, हरियाणा
जम्मू में देवक नदी उफनी
जम्मू के परमंडल क्षेत्र में देवक नदी में अचानक आई अचानक बाढ़ से सांबा जिले और जम्मू के बाकी हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश हुई जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। देवक नदी में बाढ़ से तीन वाहन फंस गए। हालांकि बाद में उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। इस बीच कठुआ के हटली मोड़ में भी जम्मू-पठानकोट हाईवे पर बारिश के बीच पानी भरने से एक स्कूल बस बीच में फंस गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद से बस से छात्रों को बाहर निकाला गया।
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