नेपाली तारा एयरलाइंस(Crashed Tara Air aircraft) के क्रैश होने की घटना ने सबको चौंका दिया है। इस विमान को कोई नौसीखिया पायलट नहीं उड़ा रहा था। बल्कि पिछले 30 सालों के अनुभवी कैप्टन प्रभाकर प्रसाद घिमिरे इसे लेकर रवाना हुए थे। पढ़िए कुछ चौंकाने वाले फैक्ट्स...

काठमांडू. करीब 20 घंटे की खोजबीन के बाद नेपाली सेना ने देश के पर्वतीय मुस्तांग जिले(Mustang) में दुर्घटनाग्रस्त हुए तारा एयरलाइंस(Crashed Tara Air aircraft) के विमान का पता लगा लिया है। हालांकि इसका सिर्फ मलबा हाथ लगा। ऐसे में विमान में सवार सभी 22 लोगों की मौत हो गई। नेपाली सेना को सिर्फ 14 शव ही मिले। नेपाली तारा एयरलाइंस(Crashed Tara Air aircraft) के क्रैश होने की घटना ने सबको चौंका दिया है। इस विमान को कोई नौसीखिया पायलट नहीं उड़ा रहा था। बल्कि पिछले 30 सालों के अनुभवी कैप्टन प्रभाकर प्रसाद घिमिरे इसे लेकर रवाना हुए थे।

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इन्हीं जोखिमभरे रास्ते पर रोज 3-4 बार प्लेन उड़ाते थे
शनिवार को जोमसोम-पोखरा में दोनों तरफ से यात्रियों की संख्या काफी अधिक थी। यह पर्यटन स्थल है, इसलिए बड़ी संख्या में लोग घूमने आते हैं। कैप्टन प्रभाकर ने तारा एयरलाइंस के इस 2 इंजन वाले प्लेन से यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए दिनभर काम किया। इस विमान में 19 यात्रियों के बैठने की जगह थी। जिस जगह पर यह प्लेन उड़ा करता था, वो एक हिमालयीन पहाड़ी इलाका है। पोखरा-जोमसोम, लुक्ला के रास्ते में कम मौसम बदल जाए, कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था। प्रभाकर को 30 साल का अनुभव था। वे रोज 3-4 बार इसी जोखिम भरे रास्ते पर प्लेन उड़ाते थे।

रविवार को भी यात्रियों की बड़ी भीड़ थी
रविवार सुबह भी जोमसोम जाने वाले यात्री पोखरा एयरपोर्ट पर जमा हो गए थे। प्रभाकर ने सह-पायलट उत्सव पोखरेल को अपने साथ लिया और जोमसोम के लिए पहली उड़ान भरने के लिए तैयार हुए। पोखरा में मौसम अच्छा था। प्रभाकर को यह भली-भांति अनुभव था कि मौसम बदलने पर कैसे समस्या आने पर वापस लौटना होता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका।

धुंध के कारण पहाड़ी से जा टकराया
रविवार सुबह 9:55 मिनट पर पोखरा से जोमसोम के लिए उड़ान भरने वाले विमान का कंट्रोल टावरों से संपर्क टूट गया था। कैप्टन प्रभाकर के फोन को ट्रैक किया गया। तब मालूम चला कि विमान पर्वतीय मुस्तांग जिले(Mustang) में कहीं गायब हुआ है। बता दें कि तारा एयर का 9N-AET के इस दो इंजन वाले विमान ने रविवार(29 मई) की सुबह 9:55 बजे टेकऑफ किया था, लेकिन जल्द ही रडार से गायब हो गया। सोमवार को सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल नारायण सिलवाल ने विमान का मलबा मिलने की जानकारी दी। जहां यह हादसा हुआ, वो जगह लगभग 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। बता दें कि तारा एयर नेपाली पहाड़ों में सबसे नई और सबसे बड़ी एयरलाइन सेवा देने वाली कंपनी मानी जाती है। इसने 2009 में ग्रामीण नेपाल के टूरिज्म को बढ़ावा देने सर्विस शुरू की थी।

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