
बेंगलुरु: बेंगलुरु में अकेले रहने वाली 22 साल की एक लड़की सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वजह? उसने अपने हर महीने होने वाले 'जेन-ज़ी खर्चों' की लिस्ट शेयर की है, जो वायरल हो गई है। श्रद्धा सैनी नाम की इस लड़की ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो खाने-पीने से लेकर अपनी मेंटल हेल्थ तक पर होने वाले खर्चों के बारे में बता रही हैं। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा, "आपका ऐसा कौन-सा जेन-ज़ी खर्च है जो मिलेनियल्स (यानी हमसे ठीक पहले वाली पीढ़ी) कभी नहीं समझेंगे?" इसके बाद उन्होंने अपने खर्चों की पूरी लिस्ट बताई।
श्रद्धा हर महीने 2-3 बार फूल खरीदती हैं, जिस पर करीब 2,000 रुपये खर्च होते हैं। वो अपनी मेंटल हेल्थ के लिए थेरेपी लेती हैं, जिसका महीने का खर्च लगभग 10,000 रुपये है। श्रद्धा का मानना है कि उनकी मेंटल हेल्थ अनमोल है। इसके अलावा, वो हर रविवार को एक ब्रंच डेट पर जाती हैं, जिसमें महीने के 2,000 रुपये लग जाते हैं। श्रद्धा बताती हैं कि वो हर वीकेंड खुद को 'सेल्फ-डेट' पर ले जाती हैं। ग्रूमिंग और रिलैक्स करना भी उनके रूटीन का अहम हिस्सा है। वीकेंड पर मसाज और पेडीक्योर पर महीने के 5,000 रुपये और नाखूनों की देखभाल पर 3,000 रुपये और खर्च होते हैं।
यही नहीं, अपना मूड अच्छा रखने के लिए खूबसूरत चीज़ों पर करीब 1,000 रुपये और गाइडेड जर्नल्स, ग्रैटीट्यूड प्लानर्स जैसी सेल्फ-रिफ्लेक्शन वाली चीज़ों पर 2,000 रुपये खर्च करती हैं। श्रद्धा इन सबको 'जेन-ज़ी खर्चे' कहती हैं, क्योंकि उनके मुताबिक खुद पर किए जाने वाले ऐसे खर्चे आम नहीं माने जाते और लोग इन्हें जल्दी स्वीकार नहीं करते।
श्रद्धा के खर्चों की लिस्ट देखकर सोशल मीडिया पर लोग दो गुटों में बंट गए। कुछ यूजर्स ने पूछा, "खर्चे तो ठीक हैं, पर आपकी कमाई कितनी है, ये तो बताया नहीं?" कई लोगों ने इसे फिजूलखर्ची करार दिया। वहीं, एक बड़ा तबका श्रद्धा के सपोर्ट में भी आया। लोगों ने लिखा कि अपने कमाए हुए पैसे खुद की खुशी और देखभाल पर खर्च करना बहुत अच्छी बात है। एक यूजर ने कमेंट किया, "मिलेनियल्स कड़ी मेहनत करते हैं, जबकि जेन-ज़ी चीज़ों को आसान बना रहे हैं। मेंटल हेल्थ पर महीने में 10,000 रुपये खर्च करना ऐसा काम है जो मिलेनियल्स ने कभी नहीं किया।"
कुछ लोगों ने थेरेपी सेशन को गलत बताते हुए कहा कि लड़की को सोशल सर्कल बढ़ाना चाहिए, इससे कई समस्याएं अपने आप हल हो जाएंगी। तो वहीं, दूसरे लोगों ने मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता देने के उनके फैसले को सही ठहराया।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।