दिव्यांगों की पेंशन में बड़ा बदलाव, अब 40% डिसेबिलिटी पर भी मिलेगा पैसा, उम्र की सीमा खत्म

Published : Oct 14, 2026, 06:58 PM IST
दिव्यांगों की पेंशन में बड़ा बदलाव, अब 40% डिसेबिलिटी पर भी मिलेगा पैसा, उम्र की सीमा खत्म

सार

कैबिनेट ने एनएसएपी को 2031 तक बढ़ा दिया है। इसके लिए 53,428 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है। दिव्यांग पेंशन हेतु 40% डिसेबिलिटी मान्य होगी और उम्र सीमा खत्म कर दी गई है। योजनाओं के नाम में अब 'प्रधानमंत्री' जोड़ा गया है।

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में देश के गरीबों, बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को मदद देने वाले 'राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम' (NSAP) को अगले 5 साल (2026-27 से 2030-31) के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके लिए सरकार ने 53,428 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पास किया है।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यह प्रस्ताव रखा था। इस योजना का दायरा अब बढ़ा दिया गया है और कई छोटी योजनाओं के नाम भी बदल दिए गए हैं। इसके साथ ही दिव्यांगों की पेंशन के नियमों में बड़ी राहत दी गई है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, "दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क को 2031 तक बढ़ा दिया गया है। पहले दिव्यांगों को पेंशन पाने के लिए 80% डिसेबिलिटी (Benchmark Disability) होना जरूरी था। अब इस शर्त को आधा कर दिया गया है। यानी अब 40% डिसेबिलिटी वाले लोग भी हर महीने पेंशन पाने के हकदार होंगे।"

दिव्यांगों की पेंशन में हुए ये बड़े बदलाव

उम्र की सीमा खत्म: दिव्यांगों की पेंशन के लिए पहले जो कम से कम उम्र की शर्त थी, उसे पूरी तरह हटा दिया गया है। अब कोई भी दिव्यांग बच्चा जन्म से ही इस पेंशन का हकदार होगा।

डिसेबिलिटी की शर्त 40% हुई: पेंशन पाने के लिए 80% डिसेबिलिटी वाले सख्त नियम को घटाकर 40% कर दिया गया है।

पेंशन की रकम: नए नियमों के मुताबिक, 0 से 79 साल तक के दिव्यांगों को हर महीने ₹375 मिलेंगे। वहीं, 80 साल या उससे ज्यादा उम्र के दिव्यांगों को ₹625 महीने की आर्थिक मदद दी जाएगी।

विभाग अगले 3 महीनों के अंदर नई गाइडलाइंस, बदली हुई दरें और लाभार्थियों की पूरी जानकारी आधिकारिक तौर पर लागू कर देगा।

पुराने नामों की छुट्टी - अब 'प्रधानमंत्री' के नाम से जानी जाएंगी योजनाएं

केंद्र सरकार ने योजनाओं के नाम बदल दिए हैं। अब इन्हें इन नए नामों से जाना जाएगा:

पुराना नामनया नाम
नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (NSAP)प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
इंदिरा गांधी नेशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीमप्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना
इंदिरा गांधी नेशनल विडो पेंशन स्कीमप्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना
इंदिरा गांधी नेशनल डिसेबिलिटी पेंशन स्कीमप्रधानमंत्री दिव्यांग पेंशन योजना
नेशनल फैमिली बेनिफिट स्कीमप्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना

(नोट: वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार लाभ योजनाओं में कोई और बदलाव नहीं हुआ है, ये पहले की तरह ही चलती रहेंगी।)

3.20 करोड़ लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ गरीब लोगों को इस योजना का फायदा मिलेगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 41 (राज्य के नीति निर्देशक तत्व) के तहत गरीब परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 1995 को पहली बार NSAP योजना शुरू की थी। इस योजना का 100% खर्च सीधे केंद्र सरकार उठाती है।

दिव्यांगों की पेंशन में किए गए ये ऐतिहासिक बदलाव 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016' (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) के बिल्कुल अनुरूप हैं। यह कानून 40% डिसेबिलिटी को मानक मानता है और दिव्यांगों को दूसरी योजनाओं के मुकाबले कम से कम 25% ज्यादा आर्थिक मदद देने पर जोर देता है。

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