Rahul Gandhi Sangrur Rally: राहुल गांधी ने पंजाब में मिशन 2027 की शुरुआत के लिए संगरूर को ही क्यों चुना? मालवा की 69 विधानसभा सीटें, नशे का मुद्दा और भगवंत मान सरकार पर हमले के पीछे कांग्रेस की क्या है चुनावी रणनीति? जानिए पूरी वजह।

Punjab Politics: पंजाब में 2027 के चुनावी समर की बिसात बिछने लगी है। कांग्रेस ने अपने अभियान की शुरुआत के लिए मालवा इलाके के संगरूर को चुना है, जहाँ राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे 'इंसाफ रैली' को संबोधित करेंगे। लेकिन सवाल यह है कि आखिर संगरूर ही क्यों? इसके पीछे सीधे-सीधे 3 बड़े सियासी गणित काम कर रहे हैं।

1. मालवा: पंजाब की सत्ता का सबसे बड़ा गढ़

  • पंजाब की राजनीति को गहराई से समझने वाले जानते हैं कि चंडीगढ़ का रास्ता मालवा से होकर ही गुजरता है।
  • सीटों का गणित: प्रदेश की कुल 117 विधानसभा सीटों में से अकेली 69 सीटें (लगभग 59%) मालवा क्षेत्र से आती हैं।
  • ऐतिहासिक महत्व: पिछले तीन दशकों के रिकॉर्ड देखें तो राज्य के ज्यादातर मुख्यमंत्री इसी क्षेत्र से निकले हैं।
  • AAP को चुनौती: 2022 के चुनावों में आम आदमी पार्टी ने मालवा की 69 में से 66 सीटों पर एकतरफा कब्जा जमाया था। कांग्रेस अब इसी गढ़ में दोबारा अपनी जमीन तलाश रही है।
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2. नशे का मुद्दा और सीएम के घर में घेराबंदी

संगरूर सिर्फ चुनावी आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है। हाल ही में यह क्षेत्र नशे की बढ़ती समस्या और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों का केंद्र बना है।

  • गुलज़ार सिंह का मामला: दिरबा गांव के गुलज़ार सिंह की मौत और उनके द्वारा उठाए गए सवालों के बाद विपक्ष को मान सरकार पर हमला करने का बड़ा हथियार मिल गया है।
  • विपक्ष की एकजुटता: नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी मिलकर सरकार की घेराबंदी कर रहे हैं।

3. Rahul Gandhi Rally: 2027 से पहले कांग्रेस की अग्निपरीक्षा

  • रैली पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह के लिए भी संगठनात्मक ताकत दिखाने का बड़ा मौका है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में कांग्रेस एक लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
  • पार्टी की कोशिश मालवा में वापसी, AAP सरकार को घेरने और आंतरिक मतभेदों के बीच एकजुटता दिखाने की है। ऐसे में संगरूर रैली 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की चुनावी रणनीति का बड़ा संकेत मानी जा रही है।